कौशांबी जिले में भारतीय जनता पार्टी के भीतर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। पूर्व मंडल अध्यक्ष राममिलन चौधरी (काजू) ने भाजपा के ही जिला मीडिया प्रभारी ज्ञानेन्द्र साहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से शुरू होकर अब कथित धमकी तक पहुंच गया है। इस घटना के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं। राममिलन चौधरी का कहना है कि ज्ञानेन्द्र साहू ने उन्हें फोन करके सोशल मीडिया पर जिला अध्यक्ष के पोस्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताई। आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें कथित तौर पर धमकी दी गई कि “तुमने जिला अध्यक्ष के पोस्ट पर कमेंट कैसे किए” और इसके बाद “घर पर आकर मारने” जैसी बात कही गई। जिसका ऑडियो भी वायरल हो रहा है।

पूर्व मंडल अध्यक्ष का कड़ा रुख: मुकदमे की तैयारीराममिलन चौधरी ने इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि वे अपने सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि वह इस मामले में ज्ञानेन्द्र साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे और किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे।

उनका कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ मुद्दा भी है। राममिलन चौधरी ने इस घटना के बाद यह भी सवाल उठाया कि क्या समाज के एक वर्ग को अपनी बात रखने और टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सोशल मीडिया पर विचार रखने पर इस तरह की धमकियां दी जाती हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है।

कौशांबी का यह मामला फिलहाल राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। धमकी के आरोप, सोशल मीडिया विवाद और संगठन के भीतर मतभेद इन सभी कारणों से स्थिति संवेदनशील बन गई है। अब देखना यह होगा कि यह मामला कानूनी कार्रवाई तक पहुंचता है या पार्टी स्तर पर ही किसी तरह इसका समाधान निकाल लिया जाता है। फिलहाल जिले का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम बना हुआ है।

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