कौशांबी: जिले के ग्राम मलाक रेजमा में जमीन की पैमाइश को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। गांव निवासी राम अभिलाष ने प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी और कथित अनियमितता को लेकर सवाल उठाए हैं। मामला गाटा संख्या 315 से जुड़ा है, जिसे राम अभिलाष द्वारा खरीदा गया बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जमीन की पैमाइश को लेकर राम अभिलाष पहले भी संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र दे चुके थे। उस दौरान नाप की प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी हुई थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि मौके पर पुलिस व्यवस्था की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी, जिसके चलते विपक्षी पक्ष और प्रशासन के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पैमाइश की कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई। इसके बाद राम अभिलाष ने दोबारा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) चायल को शिकायत देकर जमीन की नाप कराने की मांग की। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम कार्यालय की ओर से मामले को आगे कार्रवाई के लिए सहायक चकबंदी अधिकारी (ACO) को भेजा गया। सूत्रों के अनुसार, बुधवार को जमीन की नाप की प्रक्रिया प्रस्तावित थी और संबंधित पक्ष को इसकी जानकारी भी दी गई थी। हालांकि, तय तारीख पर नाप नहीं हो सकी। इसी बीच आरोप सामने आया कि कथित रूप से रिश्वत न दिए जाने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई गई। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि प्रक्रिया पूरी होने के बजाय मामला टाल दिया गया। मामले में सहायक चकबंदी अधिकारी शिव सहारे का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, रिश्वत मांगने के आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार राम आभिलाष लोगों का कहना है कि यदि जमीन से जुड़े मामलों का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान नहीं होगा, तो ऐसे विवाद लगातार बढ़ते रहेंगे। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गाटा संख्या 315 की पैमाइश कब पूरी होती है। Post navigation कौशांबी में भाजपा के भीतर ही टकराव! फोन पर धमकी का आरोप, घर में घुसकर मारने की बात कही गई