कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

कौशाम्बी जनपद के किसानों ने अपने लंबित समस्याओं को लेकर एक बार फिर प्रशासन पर दबाव बनाया। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष नुरुल इस्लाम के नेतृत्व में दर्जनों किसान मंझनपुर तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार मोबिन अहमद को 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि पूर्व में मंडल अध्यक्ष बबलू दुबे की मौजूदगी में सात सूत्रीय ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस का नियमित आयोजन, जल जीवन मिशन के तहत कायमपुर, खोराव नगियामई और कूरामुरीदन गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु करना, जर्जर सड़कों की मरम्मत, गंगा और यमुना नदी किनारे विद्युत शवदाह गृह का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, किसानों ने सिंचाई नलकूप विभाग की कार्यशाला कौशाम्बी में स्थापित करने, कछुआ ट्रामा सेंटर में एक्स-रे मशीन लगाने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की भी मांग की। उनका आरोप है कि जिला अस्पताल में अधिकांश मरीजों को प्रयागराज रेफर किया जाता है और दवाओं के लिए केवल एक निश्चित दुकान पर निर्भर किया जाता है।

नगर पालिका मंझनपुर के वार्ड नंबर-13, अटल बिहारी वाजपेई नगर (छोगरियन का पुरवा) से जुड़े प्रकरणों को किसानों ने गंभीर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क तोड़कर नाली निर्माण, सरकारी हैंडपंप में निजी मोटर लगाना और सरकारी खड़ंजा कब्जे में लेना जैसी घटनाओं पर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

ज्ञापन सौंपने के बाद किसान विकास भवन पहुंचे, जहां मासिक बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इसके बाद डीपीआरओ को ज्ञापन सौंपते हुए कलेक्ट्रेट में भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष देवराज तिवारी, तहसील अध्यक्ष बृजेश तिवारी, सूर्यभान, रणधीर सिंह, राजकुमारी, विजय प्रकाश, पवन कुमार और राकेश कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।

किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे विस्तृत आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे, और इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। किसानों का यह हुंकार प्रशासन और जनपद के अधिकारियों के लिए गंभीर संदेश है कि ग्रामीण समस्याओं की अनदेखी अब सहन नहीं की जाएगी।

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