सोना सदियों से देशों की अर्थव्यवस्था और ताकत को तय करता आया है। पुराने समय के साम्राज्य हों या आज के सेंट्रल बैंक, सोने की अहमियत आज भी कम नहीं हुई है। यही वजह है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से लोगों की धड़कनें भी तेज या धीमी हो जाती हैं। अगर बात करें दुनिया के सबसे बड़े सोना उत्पादक देश की, तो जवाब है चीन। पिछले 10 साल से चीन दुनिया में सबसे ज्यादा सोना निकालने वाला देश बना हुआ है, और ऑस्ट्रेलिया व रूस से काफी आगे है। चीन के नंबर-1 होने के कारण: खदानों का भंडार: चीन के शेडोंग और हेनान जैसे इलाकों में सोने की बड़ी खदानें हैं। हाई-टेक तकनीक: चीन ने नई मशीनों और तकनीक में भारी निवेश किया है। इसलिए वो मुश्किल जगहों से भी सोना निकाल लेता है। अपना सोना अपने पास: चीन जितना सोना निकालता है, उसे ज्यादा बेचता नहीं। इसका इस्तेमाल गहनों में या सरकार के रिजर्व बढ़ाने में किया जाता है। दुनिया के टॉप 3 सोना उत्पादक देश: चीन ऑस्ट्रेलिया रूस हालांकि सोना निकालने में चीन सबसे आगे है, लेकिन सोने की खपत यानी खरीद के मामले में भारत और चीन के बीच कड़ी टक्कर है। चीन खुद सोना निकालता है, जबकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना दूसरे देशों से मंगवाता है। भारत में सोना उत्पादन और आयात भारत में सोने की खदानें बहुत कम हैं। देश अपनी जरूरत का केवल 1% से भी कम सोना खुद निकाल पाता है। हर साल लगभग 1.6 टन सोना भारत में पैदा होता है, मुख्यतः कर्नाटक की हुट्टी खदानों से। इसके मुकाबले, भारत में हर साल लगभग 800-900 टन सोना खरीदा जाता है। इसलिए भारत अपनी मांग पूरी करने के लिए स्विट्जरलैंड, यूएई (दुबई) और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से सोना इम्पोर्ट करता है। यही कारण है कि जब डॉलर महंगा होता है या विदेश में सोने की कीमत बढ़ती है, तो भारत में भी सोने की कीमत तुरंत बढ़ जाती है। भारत का घरेलू सोना भंडार भारत में खदानें कम हैं, लेकिन भारतीय घरों में दुनिया का सबसे बड़ा सोना भंडार है। अनुमान है कि भारतीय परिवारों के पास लगभग 25,000 – 28,000 टन सोना गहनों और सिक्कों के रूप में है। यह कई बड़े देशों के सरकारी रिजर्व से भी ज्यादा है। भारत में सोना क्यों महंगा है? अगर आज (7 फरवरी 2026) की कीमत देखें, तो चीन में 10 ग्राम सोना भारत की तुलना में लगभग 16,000 – 17,500 रुपये तक सस्ता है।कारण: भारत सरकार सोने पर भारी इम्पोर्ट ड्यूटी लगाती है। ग्राहक को 3% GST भी देना पड़ता है। चीन में घरेलू बाजार में टैक्स कम होने की वजह से सोना वहां सस्ता है, और चीन को बाहर से सोना मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ती। Post navigation India-US Trade Deal: तेल, फल और शराब… अमेरिका से भारत क्या-क्या खरीदेगा? मोहन भागवत का बड़ा बयान, ‘ब्राह्मण होना योग्यता नहीं, किसी भी जाति का व्यक्ति बन सकता संघ प्रमुख’