घर में इस्तेमाल होने वाला LPG Gas Cylinder हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि गैस सिलेंडर के ऊपर एक छोटा सा कोड लिखा होता है, जैसे A-24, B-26, C-25 या D-27। ज्यादातर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं, लेकिन असल में यह कोड सिलेंडर की सेफ्टी और टेस्टिंग से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारी देता है। अगर आप अपने सिलेंडर के ऊपरी हिस्से यानी रिम (मेटल रिंग) को ध्यान से देखें, तो वहां पर अक्षर और नंबर का एक कोड दिखाई देगा। यही कोड बताता है कि सिलेंडर की अगली सुरक्षा जांच (Safety Testing) कब होनी है। A, B, C और D का क्या मतलब है? सिलेंडर पर लिखे अक्षर साल के चार अलग-अलग हिस्सों को दर्शाते हैं। A – जनवरी से मार्च B – अप्रैल से जून C – जुलाई से सितंबर D – अक्टूबर से दिसंबर यानि अक्षर यह बताता है कि साल के किस हिस्से में सिलेंडर की जांच की जानी है। नंबर क्या बताते हैं? अक्षर के बाद जो नंबर लिखा होता है, वह साल (Year) को दर्शाता है। उदाहरण के लिए अगर सिलेंडर पर A-24 लिखा है, तो इसका मतलब है कि इस सिलेंडर की अगली जांच जनवरी से मार्च 2024 के बीच होनी चाहिए। इसी तरह अगर B-26 लिखा है, तो इसका मतलब है कि अप्रैल से जून 2026 के बीच उस सिलेंडर की सुरक्षा जांच तय है। क्यों जरूरी होती है यह टेस्टिंग? एलपीजी सिलेंडर के अंदर गैस काफी दबाव में भरी होती है। अगर सिलेंडर की समय-समय पर जांच नहीं की जाए तो लीकेज या हादसे का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए गैस कंपनियां नियमित अंतराल पर सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग और सेफ्टी चेक करती हैं। इस जांच में यह देखा जाता है कि सिलेंडर की बॉडी मजबूत है या नहीं, कहीं जंग तो नहीं लगी, वाल्व सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं और गैस के दबाव को सहने की क्षमता बनी हुई है या नहीं। एक्सपायर्ड सिलेंडर लेना खतरनाक हो सकता है अगर किसी सिलेंडर पर लिखा कोड उसकी तय तारीख से आगे निकल चुका है, तो इसका मतलब है कि उसकी जांच का समय निकल गया है। ऐसे सिलेंडर का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए गैस डिलीवरी के समय हमेशा सिलेंडर के इस कोड को जरूर देखना चाहिए। अगर आपको लगता है कि दिया गया सिलेंडर एक्सपायर्ड है, तो आप डिलीवरी बॉय से तुरंत उसे बदलने के लिए कह सकते हैं। गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियां हमेशा सिलेंडर को सीधा रखें। गैस स्टोव और सिलेंडर के बीच सुरक्षित दूरी रखें। पाइप समय-समय पर चेक करते रहें। गैस की गंध आने पर तुरंत रेगुलेटर बंद करें और खिड़कियां खोल दें। माचिस या लाइटर जलाने से पहले गैस लीकेज की जांच कर लें। छोटी जानकारी, बड़ी सुरक्षा गैस सिलेंडर पर लिखा यह छोटा सा कोड दरअसल आपकी सुरक्षा से जुड़ी बड़ी जानकारी देता है। अगर हर उपभोक्ता इस कोड को समझ ले और सिलेंडर लेते समय एक बार जांच कर ले, तो कई संभावित हादसों से बचा जा सकता है। इसलिए अगली बार जब भी गैस सिलेंडर घर आए, तो सिर्फ वजन ही नहीं बल्कि उसके ऊपर लिखा A, B, C या D वाला कोड भी जरूर देख लें। यह छोटी सी आदत आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। Post navigation मिडिल ईस्ट युद्ध का असर, भारत में गहराया LPG संकट; इंडक्शन चूल्हों का सहारा एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी: बुकिंग के बाद भी लोगों को नहीं मिल रहा सिलेंडर, ऐसे करें शिकायत