उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा तय करने वाला बजट सत्र अब बिल्कुल करीब है। यूपी सरकार का बजट सत्र कल से शुरू होने जा रहा है, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस सत्र पर न सिर्फ प्रदेश की जनता की नजर है, बल्कि विपक्ष भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। बजट सत्र के दौरान विकास, कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

योगी आदित्यनाथ सरकार के इस बजट से किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग को खास उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर विशेष फोकस करेगा। सरकार की ओर से पहले ही संकेत दिए जा चुके हैं कि इस बार का बजट “समावेशी विकास” की थीम पर आधारित होगा।

कल से शुरू होगा बजट सत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू होगा। सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार अपनी नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश करेगी। राज्यपाल के अभिभाषण के जरिए सरकार यह बताएगी कि बीते एक साल में उसने क्या काम किए और आने वाले समय में किन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने होंगे।

11 फरवरी को पेश होगा बजट
सत्र का सबसे अहम दिन 11 फरवरी होगा, जब प्रदेश के वित्त मंत्री विधानसभा में बजट पेश करेंगे। यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण बजट माना जा रहा है। इसमें बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट सिटी, औद्योगिक कॉरिडोर और रोजगार सृजन से जुड़े ऐलानों की संभावना है। साथ ही किसानों के लिए नई योजनाओं और सब्सिडी से जुड़े प्रावधान भी बजट का हिस्सा हो सकते हैं।

कितने दिन चलेगा बजट सत्र
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बजट सत्र करीब दो हफ्ते तक चल सकता है। इस दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा होगी। बजट पेश होने के बाद उस पर विस्तृत बहस होगी, जिसमें विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगा। अंत में बजट को मंजूरी दी जाएगी। जरूरत पड़ने पर सरकार अनुपूरक बजट या अतिरिक्त अनुदान मांग भी पेश कर सकती है।

विपक्ष की रणनीति तैयार
बजट सत्र को लेकर विपक्ष भी पूरी तरह सक्रिय है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर घेरने की तैयारी में हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

जनता की उम्मीदें
प्रदेश की जनता इस बजट से कई उम्मीदें लगाए बैठी है। युवा वर्ग को रोजगार और स्टार्टअप से जुड़े ऐलानों का इंतजार है, वहीं किसानों को फसल समर्थन मूल्य, सिंचाई और कर्ज राहत पर सरकार से ठोस कदम की उम्मीद है। महिलाओं के लिए सुरक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक योजनाओं में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट में नए प्रावधान किए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर अहम रहेगा सत्र
कुल मिलाकर, यूपी सरकार का यह बजट सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। 11 फरवरी को पेश होने वाला बजट न सिर्फ आने वाले वित्तीय वर्ष की दिशा तय करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि सरकार अपने विकास के वादों को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा रही है। अब सभी की नजरें कल से शुरू हो रहे इस सत्र और 11 फरवरी के बजट पर टिकी हुई हैं।

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