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कौशांबी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सैनी थाना क्षेत्र के अतसराय के पास नेशनल हाईवे-2 पर हुए इस भीषण एक्सीडेंट में तीन मासूम बच्चों समेत आठ लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ मातम का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक, फतेहपुर जिले के करौली गांव के रहने वाले करीब 18 लोग एक पिकअप वाहन में सवार होकर प्रयागराज गए थे। वहां एक बच्चे का मुंडन संस्कार कराने के बाद सभी लोग वापस अपने गांव लौट रहे थे। खुशी का यह मौका अचानक मातम में बदल गया, जब उनकी पिकअप गाड़ी अतसराय के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा इतना भीषण था कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सैनी थाना पुलिस और हाईवे पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने राहत कार्य तेज करते हुए घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें बेहतर इलाज के लिए प्रयागराज रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

इस हादसे में जिन आठ लोगों की मौत हुई है, उनमें तीन छोटे बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को और अधिक गमगीन कर दिया है। जिन परिवारों के सदस्य इस हादसे का शिकार हुए हैं, उनके घरों में कोहराम मचा हुआ है। गांव में हर तरफ शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना हो सकता है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। यह भी देखा जा रहा है कि वाहन की स्थिति कैसी थी और चालक की क्या भूमिका रही। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग एक साथ बड़ी संख्या में छोटे वाहनों में यात्रा करते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में नुकसान और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस घटना ने यह भी दिखाया कि खुशी के मौके पर थोड़ी सी लापरवाही कैसे बड़े हादसे में बदल सकती है। फिलहाल प्रशासन राहत कार्य में जुटा हुआ है और घायलों के इलाज पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, गांव और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। यह हादसा उन परिवारों के लिए ऐसा जख्म बन गया है, जिसे भरने में शायद सालों लग जाएं।

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