ब्यूरो प्रयागराज,संजय खान धार्मिक माहौल और रूहानी फिज़ा के बीच आयोजित जलसे की शुरुआत तिलावत-ए-क़लाम-ए-पाक से हुई। पवित्र कुरआन की तिलावत के साथ कार्यक्रम का आगाज़ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिकता की भावना व्याप्त हो गई। इसके बाद मुफ्ती सैफुर्रहमान कासमी साहब ने हज के अरकान को विस्तार से बयान किया। उन्होंने हज की फर्ज़ियत, एहराम, तवाफ, सई, अराफात में वक़ूफ और अन्य अहम अमल पर विस्तार से रोशनी डालते हुए हाजियों को सही तरीके से इबादत अदा करने की नसीहत दी। कार्यक्रम में इस बार मस्तूरात (महिलाओं) के लिए भी विशेष इंतजाम किया गया। जिला हज ट्रेनर अलीमा शमामा परवीन और हज्जिन नुसरत जबीन ने महिलाओं से जुड़े मसाइल पर विस्तार से चर्चा की और उनके सवालों के जवाब देकर रहनुमाई की। महिलाओं ने भी बड़ी तादाद में शिरकत कर जानकारी हासिल की। कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट अल्तमश नाजिम अंसारी ने जलसे में पधारे सभी मेहमानों और प्रतिभागियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि हज एक मुकद्दस सफर है और इसकी सही जानकारी हर हाजी तक पहुंचाना कमेटी की जिम्मेदारी है। हज कमेटी के महासचिव हाजी मोईन अहमद खां ने हज से संबंधित विशेष जानकारियां प्रदान कीं और प्रशासनिक तैयारियों के बारे में भी अवगत कराया। वहीं कमेटी के उपाध्यक्ष अल हाज डॉ. आसिफ अनवर ने हाजियों को सफर-ए-हज के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और जरूरी एहतियात के बारे में विस्तार से बताया। इसी मौके पर उन्होंने “हज-ए-मबरूर” किताब का इफ्तेताह (विमोचन) भी किया। कार्यक्रम का संचालन शाह सऊद ने बेहतरीन अंदाज में किया, जिससे जलसा पूरी अनुशासन और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। Post navigation प्रयागराज में महिला से छिनैती, पुलिस पर लापरवाही के आरोप- VIDEO VIRAL Kaushambi Medical College की पहल पर छात्रों और शिक्षकों ने किया रक्तदान