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अमेठी ब्यूरो, नितेश तिवारी 

अमेठी में इन दिनों चिंता और बेचैनी का माहौल है। खाड़ी देशों में जारी तनाव और हमलों की खबरों का सीधा असर यहां के उन परिवारों पर पड़ा है, जिनके अपने कुवैत और सऊदी अरब में नौकरी या शोध कार्य के लिए रह रहे हैं। परिजनों का कहना है कि हालात को लेकर वे बेहद डरे हुए हैं और लगातार अपने लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं।

परिवारों के मुताबिक फोन पर बातचीत के दौरान कई बार पीछे से धमाकों और मिसाइलों की आवाजें सुनाई देती हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ जाती है। वे बताते हैं कि बातचीत के दौरान जब इस तरह की आवाजें आती हैं तो दिल दहल जाता है। हालांकि विदेश में रह रहे उनके परिजन खुद को सुरक्षित बता रहे हैं, लेकिन माहौल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

कुवैत में रह रहे अजहरुद्दीन के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने हाल ही में कुछ वीडियो भेजे हैं, जिनमें वहां के हालात नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “फिलहाल मेरा बेटा सुरक्षित है, लेकिन जिस तरह से हमले हो रहे हैं, उससे डर लगा रहता है।” उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की व्यवस्था की जाए।

परिजनों का कहना है कि वे दिन में कई बार अपने बच्चों और रिश्तेदारों से फोन पर बात कर रहे हैं। वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए लगातार हालचाल लिया जा रहा है। कई परिवारों ने मीडिया से बातचीत के दौरान वहां की कुछ तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए, जिन्हें देखकर गांव और शहर के लोग भी चिंतित हो उठे हैं।

अमेठी जिले के सैकड़ों लोग वर्षों से खाड़ी देशों में नौकरी और पढ़ाई के लिए जाते रहे हैं। इनमें से कई लोग कुवैत और सऊदी अरब में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। मौजूदा परिस्थितियों ने इन परिवारों की नींद उड़ा दी है। घरों में टीवी चैनलों और मोबाइल पर खबरें लगातार देखी जा रही हैं। हर नई सूचना के साथ दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर राहत और निकासी की योजना तैयार रखनी चाहिए। फिलहाल परिजन अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं और हालात के जल्द सामान्य होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष भले ही हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसका असर अमेठी के घर-घर में महसूस किया जा रहा है। डर, बेचैनी और अनिश्चितता के बीच परिवार अपने अपनों की सुरक्षित वापसी की आस लगाए हुए हैं।

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