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अमेठी ब्यूरो, नितेश तिवारी

उत्तर प्रदेश में रिश्तों के शक ने एक और जान ले ली। मुसाफिरखाना में हुए चाकू हमले के मामले में घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

15 दिन तक जिंदगी और मौत की जंग

मुसाफिरखाना कस्बा निवासी विजय बहादुर विश्वकर्मा बीते 13 मार्च को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालत नाजुक होने पर उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया था। पिछले करीब 15 दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

शक बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला पारिवारिक रिश्तों में पैदा हुए शक से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, सुल्तानपुर जनपद के कुड़वार थाना क्षेत्र के कामापुर मजरे सोहगौली निवासी रोहित विश्वकर्मा 13 मार्च को एक प्रीतिभोज कार्यक्रम में शामिल होने मुसाफिरखाना आया था। आरोप है कि रोहित ने अपने साढ़ू विजय बहादुर को नहर की पटरी पर बुलाया। वहां उसने अपनी पत्नी से बातचीत को लेकर आपत्ति जताई और विजय को समझाने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

नहर किनारे हुआ खौफनाक हमला

विवाद इतना बढ़ गया कि रोहित विश्वकर्मा ने गुस्से में आकर विजय बहादुर पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में विजय गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें किसी तरह अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मौत के बाद बदलेगा केस

अब विजय बहादुर की मौत के बाद इस मामले की धाराएं और गंभीर हो जाएंगी। पहले यह मामला हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के तहत दर्ज था, लेकिन अब इसे हत्या (Murder) में परिवर्तित किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवार में मातम, इलाके में दहशत

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों में बढ़ता अविश्वास किस हद तक खतरनाक हो सकता है। एक छोटी सी बात और शक ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मामला शांत कराया जाता, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को हिंसा में बदलने के बजाय कानून और संवाद का सहारा लें। छोटी-छोटी बातों पर गुस्से में लिया गया फैसला जिंदगी भर का पछतावा बन सकता है। यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है रिश्तों में भरोसा टूटे तो बात करें, लेकिन हथियार उठाना कभी समाधान नहीं होता।

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