दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, यह मॉड्यूल प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। इस कार्रवाई में कोलकाता और तमिलनाडु से कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पकड़े गए लोगों में से 7 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और कुछ बांग्लादेशी आतंकी संगठनों के इशारे पर काम कर रहा था। अधिकारियों का दावा है कि संदिग्धों को विशेष तौर पर संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और जरूरी सूचनाएं जुटाने का काम सौंपा गया था। स्पेशल सेल को इस नेटवर्क के बारे में खुफिया इनपुट मिले थे, जिसके बाद कई दिनों तक निगरानी और तकनीकी जांच की गई। जांच के दौरान संदिग्धों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। बताया जा रहा है कि ये लोग अलग-अलग पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे। कुछ संदिग्धों के पास से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह मॉड्यूल लंबे समय से सक्रिय था और धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में रहते थे। इनके मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भारत में उनके अन्य सहयोगी कौन-कौन हैं। इस मामले में अन्य राज्यों में भी छापेमारी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है। हालांकि पुलिस ने अभी संभावित लक्ष्यों या विस्तृत योजना के बारे में सार्वजनिक रूप से अधिक जानकारी साझा नहीं की है, क्योंकि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। गिरफ्तार सभी संदिग्धों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि और सबूत मिलते हैं तो गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम समेत अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने महानगरों और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Post navigation ट्रंप के टैरिफ को अदालत में चुनौती, कौन हैं नील कात्याल और क्यों है भारत से खास जुड़ाव? World News: अमेरिका के अंदर दूसरा चीन? वैश्विक राजनीति में नया तूफान!