रीवा से सामने आया यह मामला सिर्फ गैस सप्लाई की गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की सच्चाई उजागर करता दिख रहा है। आरोप है कि आम ग्राहकों को “गैस खत्म” कहकर लौटा दिया जा रहा है, उनके साथ बदतमीजी और गाली-गलौज की जा रही है, जबकि दूसरी ओर सिलेंडर कथित तौर पर व्यापारियों को ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राहकों के मोबाइल पर सिलेंडर “डिलीवर” दिख जाता है, लेकिन असल में गैस पहुंचती ही नहीं। क्या है पूरा मामला रीवा जिले के पटेहरा गांव स्थित Indane – Konikalan Gramin Vitrak गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगे हैं। उपभोक्ता श्रीमती सूर्यकली द्विवेदी (65 वर्ष) को सिलेंडर देने से इनकार कर दिया गया, जबकि वे नियमित उपभोक्ता हैं और समय पर बुकिंग कर चुकी थीं। “गैस नहीं है” कहकर लौटाया जब उनके बेटे एजेंसी पर सिलेंडर लेने पहुंचे, तो एजेंसी मालिक जासुवेंद तिवारी ने साफ शब्दों में कह दिया-“गैस उपलब्ध नहीं है।” फोन पर बदतमीजी और गाली-गलौज मामला तब और गरमा गया जब बेटे ने फोन पर बात की। आरोप है कि एजेंसी मालिक ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा-“तुम कहीं के कलेक्टर नहीं हो… जो करना है कर लो, नहीं देंगे गैस…” इसके साथ ही सरकार को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई, जिससे मामला और गंभीर हो गया। बुकिंग हुई, DAC नंबर आया… फिर भी ‘फर्जी डिलीवरी’ सबसे बड़ा खुलासा यहां हुआ 16 मार्च 2026 सोमवाप को गैस सिलेंडर बुक किया गया। DAC नंबर भी जारी हुआ लेकिन बाद में सिस्टम में “डिलीवरी” दिखा दी गई। हकीकत: ग्राहक को सिलेंडर मिला ही नहीं यह सीधे तौर पर रिकॉर्ड में हेरफेर और संभावित धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। ग्राहकों को नहीं, व्यापारियों को गैस? परिवार का आरोप है कि जहां आम ग्राहकों को “नो स्टॉक” कहा जा रहा है, वहीं बाजार में वही सिलेंडर 2500–3000 रुपये तक में मिल रहा है। इससे यह शक गहरा गया है कि गैस की सप्लाई व्यापारियों को ब्लैक में की जा रही है। बुजुर्ग महिला के साथ अन्याय इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा परेशानी 65 साल की बुजुर्ग महिला को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें जरूरत होने के बावजूद गैस नहीं मिल पाई। प्रशासन और कंपनी तक पहुंचेगी शिकायत परिवार ने इस पूरे मामले की शिकायत Ministry of Petroleum and Natural Gas और Indian Oil Corporation से करने की तैयारी कर ली है। बड़ा सवाल अगर एजेंसी में गैस नहीं है, तो बाजार में महंगे दामों पर सिलेंडर कौन बेच रहा है?सिस्टम में डिलीवरी किसने और कैसे दिखा दी? यह मामला अब सिर्फ एक उपभोक्ता की समस्या नहीं, बल्कि पूरे गैस वितरण सिस्टम पर बड़ा सवाल बन चुका है। क्या महिला को इंसाफ मिलेगा और क्या इन गैर जिम्मेदार लोगों के पास एजेंसी रहना ठीक है? Post navigation Gold & Silver Crash: चांदी ₹34,000 और सोना ₹12,000 सस्ता, जानें बड़ी गिरावट की वजह मिजोरम से म्यांमार तक साजिश? भारत की सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं