कौशांबी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

मंझनपुर स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय के नेतृत्व में ‘मनरेगा बचाओ महासंग्राम’ अभियान के तहत जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए मनरेगा योजना को बचाने के लिए व्यापक संघर्ष का ऐलान किया गया।

जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनहित की योजनाओं को प्राथमिकता देती आई है, जबकि वर्तमान सरकार पर उन्होंने अमीरों के हित में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महंगाई चरम पर है और आम आदमी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जूझ रहा है। गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल और खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि महंगाई ने ग्रामीण और शहरी दोनों वर्गों की कमर तोड़ दी है।

पूर्व प्रदेश सचिव रामबहादुर त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि मनरेगा योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में कांग्रेस सरकार द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, पलायन रोकने और गांवों में स्थायी संपत्तियों के निर्माण में सहायक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस योजना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।

जिला उपाध्यक्ष राम सूरत रैदास ने बताया कि मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 58 प्रतिशत से अधिक रही है, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि मनरेगा के अधिकारों की रक्षा के लिए वे सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाते रहेंगे।

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने कहा कि जन चौपाल के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि मनरेगा जैसी योजनाओं को बचाने के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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