महोबा ब्यूरो जावेद खान उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां विद्युत विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक किसान को भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ा। पनवाड़ी थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव में खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में अचानक हुई स्पार्किंग से निकली चिंगारी ने चार बीघा गेहूं की खड़ी फसल को जलाकर राख कर दिया। इस घटना के बाद किसान और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घटना दोपहर की बताई जा रही है, जब किसान मुन्नीलाल अपने खेतों में काम कर रहे थे। तभी खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन में अचानक स्पार्किंग हुई और उससे निकली चिंगारी सीधे नीचे खड़ी फसल पर गिर गई। सूखी फसल होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते चार बीघा खेत में खड़ी पूरी गेहूं की फसल आग की चपेट में आ गई। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। ग्रामीणों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को भी सूचना दी, लेकिन दमकल की टीम समय पर नहीं पहुंच सकी। बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से दूरी अधिक होने के कारण फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में काफी देर हो गई। हालांकि, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद खुद ही आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पूरी फसल जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित किसान मुन्नीलाल ने बताया कि यह हादसा पूरी तरह बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटकी हुई है, जिसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर समय रहते लाइन को सही ऊंचाई पर कर दिया जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था। इस घटना को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनोज राजपूत ने भी कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित किसान को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने यह भी मांग उठाई है कि पनवाड़ी क्षेत्र में ही एक स्थायी फायर स्टेशन या दमकल पॉइंट बनाया जाए, ताकि आग लगने की घटनाओं में समय रहते मदद मिल सके और नुकसान को कम किया जा सके। वर्तमान में दमकल विभाग की दूरी ज्यादा होने के कारण ऐसी घटनाओं में समय पर सहायता नहीं मिल पाती, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है। फिलहाल इस घटना के बाद गांव में मायूसी का माहौल है। किसान की महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गई। अब पीड़ित किसान प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठा है, ताकि उसके नुकसान की कुछ भरपाई हो सके। यह घटना एक बार फिर प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है कि आखिर कब तक किसानों को इस तरह की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। Post navigation कौशाम्बी में जमीनी विवाद बना खूनी जंग, एक ही परिवार के 9 लोग घायल, 3 की हालत गंभीर अमेठी में पेट्रोल को लेकर बवाल, पंप कर्मचारियों से मारपीट, पुलिस ने किया एक्शन