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जौनपुर ब्यूरो, देवेंद्र खरे

जौनपुर जिले में ग्राम सभा की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में लापरवाही बरतने पर सुप्रीम कोर्ट ने जिलाधिकारी (डीएम) पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह मामला सदर तहसील क्षेत्र के कंधरपुर गांव की करीब छह बीघा सरकारी जमीन से जुड़ा हुआ है, जिस पर लंबे समय से अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया था।

बताया गया कि इस जमीन को खाली कराने के लिए पीड़ित जयप्रकाश दुबे ने कई साल पहले प्रशासन से शिकायत की थी। उनका कहना था कि ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामला धीरे-धीरे आगे बढ़ता हुआ वर्ष 2023 में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए। लेकिन आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।

इसी लापरवाही और आदेश के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जौनपुर के जिलाधिकारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने कहा कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के मामले में अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।

इस मामले में कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन में भी हलचल मच गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें लंबे समय से की जाती रही हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई में देरी होती है।

अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही कंधरपुर गांव की ग्राम सभा की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए ठोस कदम उठाएगा। वहीं पीड़ित जयप्रकाश दुबे का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को अब कार्रवाई करनी ही पड़ेगी।

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