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बलिया ब्यूरो, महेश कुमार

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक की सबसे सख्त स्ट्राइक को अंजाम दिया है। बिहार सीमा से सटे नदी तटीय इलाकों में रेवती पुलिस ने गुरुवार को व्यापक छापेमारी अभियान चलाकर कच्ची शराब बनाने के अवैध ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘अपराध एवं अपराधी नियंत्रण अभियान’ के तहत संचालित किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) कृपा शंकर और क्षेत्राधिकारी बैरिया मो. फहीम कुरैशी की निगरानी में रेवती थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने अपनी टीम के साथ गोपालनगर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत डुमाईगढ़ नदी के पार दुर्गम इलाकों में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, यह इलाका बिहार सीमा से सटा होने के कारण लंबे समय से शराब तस्करों के लिए सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। भौगोलिक दुर्गमता और नदी तटीय क्षेत्र का फायदा उठाकर तस्कर बड़े पैमाने पर अवैध शराब का निर्माण करते थे और फिर उसे आसपास के क्षेत्रों में खपाते थे। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने रणनीति तैयार कर सटीक कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके पर धधक रही 30 अवैध भट्टियों को पूरी तरह तोड़ दिया। इसके अलावा प्लास्टिक के बड़े ड्रमों और जमीन में बने गड्ढों में छिपाकर रखा गया लगभग 20 हजार लीटर लहन (कच्चा घोल) बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि यह लहन तैयार होकर बाजार में पहुंचता, तो इससे बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाई जा सकती थी। थानाध्यक्ष अनुपम जायसवाल ने बताया कि तस्करों के ठिकानों की पहचान कर ली गई है और संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।

इस मिशन को सफल बनाने में पुलिस टीम के कई अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उप-निरीक्षक रंजीत कुमार (चौकी प्रभारी गोपालनगर), ऋषिकेश गुप्ता, कपिलदेव, मुख्य आरक्षी श्रीप्रकाश सिंह तथा आरक्षी बलिराम कुमार, नवीन कुमार और पुनीत चौरसिया ने अभियान में सक्रिय योगदान दिया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह आमजन के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने और अपराध पर नियंत्रण पाने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में शराब माफियाओं के बीच खौफ का माहौल है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दिलाई जाएगी।

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