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कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को लखनऊ विजिलेंस टीम ने कौशांबी जनपद के पश्चिम शरीरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लेखपाल को 10 हजार रुपये की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया और तहसील स्तर पर कर्मचारियों में खासी हलचल देखी गई। मामला मंझनपुर तहसील से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक चंपहा निवासी भोलानाथ जयसवाल को हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने की आवश्यकता थी। आरोप है कि सिंघवल गांव में तैनात लेखपाल महेंद्र कुमार मौर्य ने प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित ने कथित तौर पर कई बार कार्यालय के चक्कर लगाए, लेकिन बिना रिश्वत काम न होने की बात कही गई। इसके बाद भोलानाथ जयसवाल ने लखनऊ स्थित विजिलेंस विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने प्रारंभिक जांच की और आरोपों की पुष्टि के बाद जाल बिछाने की रणनीति तैयार की। पूरी योजना गोपनीय रखी गई ताकि आरोपी को भनक न लगे।

सोमवार दोपहर तय योजना के अनुसार चंपहा बाजार की एक मिठाई की दुकान पर रुपये देने का स्थान निर्धारित किया गया। जैसे ही भोलानाथ ने लेखपाल को 10 हजार रुपये थमाए, पहले से सादी वर्दी में मौजूद विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने मौके पर ही आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी को अपने साथ लेकर चली गई। घटना की खबर फैलते ही राजस्व विभाग के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी मौके की जानकारी लेने के लिए सक्रिय हो गए। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों तक भी सूचना पहुंची। सदर एसडीएम एसपी वर्मा ने बताया कि उन्हें लेखपाल के घूस लेते पकड़े जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस टीम से आधिकारिक पुष्टि और रिपोर्ट प्राप्त होते ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन भी शामिल हो सकता है।

जनपद में हाल के महीनों में भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई देखी जा रही है। विजिलेंस विभाग द्वारा की जा रही ऐसी छापेमारी और गिरफ्तारी को प्रशासन की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आम नागरिकों को राहत देने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों पर इसी तरह त्वरित कार्रवाई होती रही, तो सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर लगाम लग सकती है। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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