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कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी ज़िले में एक मामूली लगने वाला ज़मीनी विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। कोखराज थाना क्षेत्र के चंदीपुर गांव में देर रात एक ही परिवार के दो पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों के साथ-साथ धारदार हथियार भी चलने लगे। इस हिंसक झड़प में चार महिलाओं समेत कुल नौ लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह विवाद पुरानी पारिवारिक जमीन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। देर रात दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही उग्र रूप ले गई। देखते ही देखते दोनों ओर से लोग इकट्ठा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही पलों में बहस हिंसा में बदल गई और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। एक पक्ष में रामबाबू, अर्जुन, शिवपूजन, फूलकली और राधिका शामिल थे, जबकि दूसरे पक्ष में कौशल, दयाराम, सरस्वती और शीला देवी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान जमकर लाठी-डंडे चले और कई लोगों ने धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया। इस हमले में रामबाबू, अर्जुन और शिवपूजन को गंभीर चोटें आईं, जबकि कौशल और दयाराम के सिर पर गहरी चोटें लगीं। अन्य महिलाएं और सदस्य भी इस हिंसा में घायल हुए।

गांव में अचानक भड़की इस हिंसा से अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कई लोग लहूलुहान हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने तुरंत सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों रामबाबू, शिवपूजन और अर्जुन की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। बाकी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दरोगा की तहरीर पर दोनों पक्षों के सभी नौ घायलों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार से हैं और जमीन के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि झगड़े के दौरान चाकू से भी हमला किया गया था। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी गई हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो सके। यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि जमीन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर छोटे विवाद भी किस तरह बड़े और खतरनाक रूप ले सकते हैं, जिससे न केवल परिवार टूटते हैं बल्कि कई जिंदगियां भी खतरे में पड़ जाती हैं।’

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