कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज बच्चों में सुस्ती, थकान और पढ़ाई में ध्यान न लगने को अक्सर सामान्य कमजोरी मान लिया जाता है, लेकिन कई बार यही लक्षण एनीमिया जैसी गंभीर बीमारी का संकेत होते हैं। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने विश्व एनीमिया जागरूकता दिवस के अवसर पर डी-वॉर्मिंग (कृमिनाशक) और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत मेडिकल कॉलेज परिसर से हुई, जहां प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मंझनपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय कादीपुर पहुंची और वहां छात्र-छात्राओं को एनीमिया से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्रधानाचार्य डॉ. सिंह ने कहा कि एनीमिया केवल शरीर की कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक विकास, एकाग्रता और शैक्षणिक प्रदर्शन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया होता है। हीमोग्लोबिन शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है और इसकी कमी होने पर बच्चों में थकान, चक्कर आना, सुस्ती और पढ़ाई में मन न लगने जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। पैथोलॉजी विभाग के डॉ. रविरंजन सिंह ने बच्चों को आसान भाषा में समझाया कि आयरन की कमी एनीमिया का मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, गुड़ और मूंगफली जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों के नियमित सेवन से एनीमिया से बचा जा सकता है। साथ ही समय-समय पर कृमिनाशक दवा लेना भी जरूरी है, क्योंकि पेट के कीड़े शरीर में पोषक तत्वों की कमी पैदा करते हैं। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि एनीमिया के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित डी-वॉर्मिंग जैसे उपाय बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं की हीमोग्लोबिन जांच भी की गई और उन्हें आयरन-फोलिक एसिड तथा कृमिनाशक दवाएं वितरित की गईं। अंत में सभी छात्रों और शिक्षकों ने एनीमिया मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्य, स्वास्थ्य कर्मी और इंटर्न भी मौजूद रहे। Post navigation मत काटो पेड़, क्यों हवा को बनाना चाहते हो जहर? ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग कौशाम्बी जिलाधिकारी ने मंझनपुर तहसील का किया औचक निरीक्षण, कई खामियों पर फटकार