कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज झनपुर तहसील क्षेत्र के सराय अकिल थाना क्षेत्र अंतर्गत छेकवा गांव में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। लगभग 1:30 बजे यमुना नदी में नहाने गए पांच किशोर अचानक गहरे पानी में चले गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो किशोरों की मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। लोगों के अनुसार, सभी किशोर नदी किनारे नहा रहे थे। इसी दौरान संभवतः पैर फिसलने या पानी की गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण वे अचानक गहरे पानी की ओर चले गए। कुछ ही देर में बच्चों के डूबने की आवाज और शोर सुनकर पास में मौजूद मछुआरे राजा ने साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए आर्यन (11 वर्ष), रोबिन सिंह (14 वर्ष) और मोहम्मद हसन (12 वर्ष) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने मछुआरे की बहादुरी की सराहना की, जिनकी सूझबूझ से तीन बच्चों की जान बच सकी। हालांकि बाकी दो किशोर पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण बाहर नहीं निकल सके। डूबने वाले किशोरों की पहचान कुलदीप विश्वकर्मा (लगभग 18 वर्ष) निवासी छेकवा और शिवम (लगभग 17 वर्ष) निवासी नगौद, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शिवम के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार में उसकी मां और एक बहन हैं, जिससे घटना के बाद परिवार पर गहरा दुख टूट पड़ा है। वहीं कुलदीप के पिता किसान हैं और परिवार में दो भाई और तीन बहनें भी हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। ग्रामीणों, मछुआरों और गोताखोरों की मदद से नदी में जाल डालकर बच्चों की तलाश की गई। करीब तीन घंटे तक चले खोज अभियान के बाद दोनों किशोरों के शव नदी से बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों किशोरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे और घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। यह घटना एक बार फिर नदी किनारे नहाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को बिना निगरानी के गहरे पानी में जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। खासकर नदी क्षेत्रों में अचानक गहराई और तेज बहाव खतरनाक साबित हो सकता है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। Post navigation अमेठी में युवक की गला काटकर हत्या, सड़क किनारे पुल के पास झाड़ियों में मिला शव शंकराचार्य–ब्रह्मचारी विवाद में नया बवाल, कौन सच, कौन झूठ? विवाद बढ़ा