कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की। इस पूरे मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिनसे पता चलता है कि आरोपी को बचाने के लिए पूरी साजिश रची गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे के बाद आरोपी शिवम मिश्रा ने खुद को बचाने के लिए डमी ड्राइवर खड़ा करने की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद मामले को मोड़ने के लिए एक अन्य व्यक्ति को ड्राइवर बनाकर पेश करने की योजना बनाई गई थी। इसके साथ ही फर्जी हलफनामा तैयार कर कोर्ट में यह दिखाने की कोशिश की गई कि दुर्घटना के समय कार कोई और चला रहा था। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और सख्त पूछताछ में यह साजिश ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इन सबूतों से साफ हो गया कि हादसे के वक्त लैंबॉर्गिनी कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के रसूख और प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को दबाने और जांच को गुमराह करने की कोशिश की गई थी, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर पूरी सच्चाई सामने आ गई। गौरतलब है कि इस हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण कई लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। जानकारी के अनुसार, आरोपी लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था और कोर्ट में सरेंडर करने की तैयारी भी कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी हलफनामा तैयार करने में किन लोगों ने मदद की। यदि इसमें अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानपुर पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और इस मामले में दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी। वहीं इस गिरफ्तारी के बाद लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर संतोष देखा जा रहा है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है और पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि हादसे से जुड़े हर पहलू का सच सामने लाया जा सके। Post navigation सीएमओ ऑफिस का घेराव, 7 दिन में समाधान नहीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी बारा तहसील का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, 3 घंटे तक खंगाले अभिलेख