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जौनपुर ब्यूरो, देवेंद्र खरे

जिले में नए पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली को लेकर स्थानीय पत्रकारों के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। मामला उस समय चर्चा में आया जब कई पत्रकारों ने Uttar Pradesh Police द्वारा बनाए गए आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप को सामूहिक रूप से छोड़ दिया। पत्रकारों का आरोप है कि विभागीय स्तर पर सूचना साझा करने की व्यवस्था पहले की तुलना में कमजोर हुई है, जिससे समाचार संकलन में परेशानी हो रही है।

पत्रकारों का कहना है कि किसी भी घटना या महत्वपूर्ण मामले में समय पर अधिकृत बाइट और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उनका आरोप है कि पुलिस और मीडिया के बीच संवाद की पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे घटनाओं की सही और समय पर रिपोर्टिंग करना मुश्किल हो गया है। कई पत्रकारों का मानना है कि प्रशासनिक स्तर पर सूचना प्रवाह को सुचारु बनाए रखना बेहद जरूरी है।

सूत्रों के अनुसार, कुछ पत्रकारों ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से व्यवस्था में सुधार करने और मीडिया संवाद प्रणाली को पहले की तरह प्रभावी बनाने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि समाचार कवरेज के दौरान पुलिस विभाग से समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है, खासकर आपराधिक घटनाओं, प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा संबंधी मामलों में।

वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऐसे में पत्रकारों और पुलिस विभाग के बीच संवाद की यह दूरी आने वाले दिनों में कैसे कम होगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों का कहना है कि पारदर्शी और नियमित संवाद व्यवस्था से न केवल पत्रकारिता को सुविधा मिलेगी बल्कि प्रशासनिक कार्यों की जानकारी भी आम जनता तक सही तरीके से पहुंच सकेगी।

कई वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि आधुनिक समय में प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय बहुत जरूरी है। यदि सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था प्रभावी नहीं होगी तो अफवाहों और गलत सूचनाओं के फैलने की संभावना भी बढ़ सकती है। इसलिए विभागीय स्तर पर एक स्पष्ट संचार नीति बनाए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

कुछ पत्रकार संगठनों ने भी इस मामले में मध्यस्थता की बात कही है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही पुलिस विभाग और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक बातचीत का रास्ता खुलेगा। उनका कहना है कि पत्रकार और प्रशासन दोनों का उद्देश्य जनता तक सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।

फिलहाल यह मुद्दा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या भविष्य में मीडिया संवाद व्यवस्था को पहले की तरह मजबूत किया जाएगा।

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