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प्रयागराज ब्यूरो, संजय खान

होली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, बाजारों में रंगों की बहार दिखने लगी है। संगम नगरी Prayagraj में भी होली की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। शहर के बड़े और छोटे बाजार रंग-बिरंगी पिचकारियों, मुखौटों, गुलाल और पारंपरिक कपड़ों से सज गए हैं। गुलाल और अबीर की खुशबू लोगों को होली के उत्साह का एहसास करा रही है। इस बार बाजार में बच्चों और बड़ों दोनों के लिए अलग-अलग तरह के उत्पाद खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

बाजार में इस समय बच्चों के बीच कार्टून थीम वाली पिचकारियों और मुखौटों की भारी मांग देखने को मिल रही है। खासकर “भीम का भगवा गदाला” और मोटू-पतलू कार्टून मुखौटे बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। दुकानदारों का कहना है कि छोटे बच्चे इन मुखौटों को पहनकर होली खेलने में ज्यादा उत्साहित नजर आ रहे हैं। कार्टून किरदारों से जुड़े होली उत्पाद इस बार बाजार में तेजी से बिक रहे हैं।

बड़ों के बीच फिल्मी स्टाइल वाली पिचकारियों का क्रेज भी बढ़ गया है। विशेष रूप से “पुष्पा” थीम वाली कुल्हाड़ी स्टाइल पिचकारी युवाओं और बड़ों को आकर्षित कर रही है। लोग होली के मौके पर अलग अंदाज में रंग खेलने के लिए इस तरह के उत्पाद खरीदना पसंद कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि फिल्मी स्टाइल वाले होली आइटम इस साल भी बाजार में ट्रेंड में बने हुए हैं। इस बार होली बाजार में हर्बल रंगों की मांग भी काफी बढ़ी है। लोग रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक और सुरक्षित रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। हर्बल अबीर, स्मोक अबीर और स्प्रे कलर की बिक्री में भी तेजी देखी जा रही है। विशेषकर युवाओं के बीच स्प्रे कलर और अलग-अलग तरह के स्टाइलिश अबीर काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

होली के बाजार में कीमतों की बात करें तो पिचकारियों की कीमत ₹7 से लेकर लगभग ₹1000 तक उपलब्ध है। कम कीमत वाली पिचकारियां छोटे बच्चों के लिए खरीदी जा रही हैं, जबकि महंगी और डिजाइनर पिचकारियां युवाओं और उत्साही ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार ग्राहकों की पसंद में विविधता देखने को मिल रही है। मुखौटों की बात करें तो बाजार में कई तरह के मास्क और होली थीम वाले मुखौटे बिक रहे हैं। हालांकि बच्चों की सबसे ज्यादा पसंद कार्टून किरदारों से जुड़े मुखौटे ही बने हुए हैं। “भीम का भगवा गदाला” जैसे उत्पाद खास तौर पर चर्चा में हैं और बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

व्यापारियों का कहना है कि होली के नजदीक आने के साथ बाजार में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बिक्री और तेजी पकड़ेगी। होली का पर्व सामाजिक और सांस्कृतिक उत्साह का प्रतीक माना जाता है, और इस बार भी लोग इसे पूरे जोश के साथ मनाने की तैयारी में हैं। फिलहाल होली बाजार की रौनक देखते ही बन रही है। रंगों, पिचकारियों और मुखौटों से सजे बाजार त्योहार के आगमन का संकेत दे रहे हैं। दुकानदार और ग्राहक दोनों ही इस पर्व का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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