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हरदोई ब्यूरो, सौरभ तिवारी

हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र के रैसों गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से निकली चिंगारी ने लहलहाती गेहूं की फसल को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते कई बीघा तैयार फसल जलकर राख में तब्दील हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। घटना दोपहर के समय हुई, जब तेज पछुआ हवाएं चल रही थीं। इसी दौरान हाईटेंशन तारों के आपस में टकराने से चिंगारी निकली, जो सीधे सूखी गेहूं की फसल पर गिर गई। तेज धूप और हवा के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। खेतों में उठती ऊंची लपटों को देखकर गांव में हड़कंप मच गया और लोग घबराकर मौके की ओर दौड़ पड़े।

ग्रामीणों ने बिना देर किए अपनी जान की परवाह किए बिना आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। कोई बाल्टियों से पानी डालने लगा तो कोई लाठी-डंडों से आग को फैलने से रोकने में जुट गया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को आसपास के खेतों तक फैलने से रोक लिया, जिससे और बड़ा नुकसान टल गया। इसके बाद मौके पर पहुंची दमकल विभाग की टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस अग्निकांड में किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही पलों में जलकर खाक हो गई। पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार जर्जर तारों और ढीली बिजली लाइनों की शिकायत स्थानीय बिजली विभाग से की थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। किसानों का आरोप है कि अगर समय रहते विभाग ने कार्रवाई की होती, तो आज यह बड़ा नुकसान नहीं होता।

इस घटना के बाद गांव में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों की सालभर की उम्मीदें और मेहनत इस आग में जलकर खत्म हो गई हैं, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। साथ ही उन्होंने बिजली विभाग से भी मांग की है कि जर्जर लाइनों को तुरंत ठीक किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा। किसानों की मेहनत और फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि संबंधित विभाग समय रहते जागे और ठोस कदम उठाए

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