कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज कौशाम्बी जिले के नगर पंचायत चरवा में कथित अनियमितताओं और स्थानीय समस्याओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन अम्बावता ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आवाज उठाई और अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर को चार सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया। ज्ञापन का पहला और सबसे प्रमुख बिंदु प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा रहा। आरोप लगाया गया कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आवास नहीं मिल पा रहा है, जबकि कई अपात्र लोगों को लाभ दे दिया गया है। संगठन ने इस मामले में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। उनका कहना है कि अगर योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हो, तो गरीब और जरूरतमंद लोगों को उसका वास्तविक लाभ मिल सकता है। दूसरे बिंदु में नगर पंचायत कार्यालय से आवास योजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) न भेजे जाने का मुद्दा उठाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि डीपीआर समय पर न भेजे जाने के कारण विकास कार्यों में बाधा आ रही है और योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मांग की कि डीपीआर को तुरंत संबंधित विभाग को भेजा जाए, ताकि आवास योजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जा सके। तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा जल जीवन मिशन से जुड़ा था। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पंचायत चरवा में पानी की टंकी के निर्माण को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। न तो अभी तक जमीन चिन्हित की गई है और न ही निर्माण कार्य शुरू हुआ है। इस वजह से आने वाले समय में क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है, खासकर गर्मी के मौसम में जब पानी की मांग बढ़ जाती है। संगठन ने इस परियोजना को जल्द शुरू करने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की। चौथा बिंदु जमीन विवाद से जुड़ा हुआ था। वार्ड नंबर तीन, अम्बेडकर नगर निवासी हरिकांत निषाद की भूमिधरी जमीन पर जबरन रास्ता बनाए जाने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि बिना अनुमति के जमीन पर कब्जा कर रास्ता बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह से अवैध है। संगठन ने इस कार्य को तुरंत रुकवाने और संबंधित मामलों की जांच कराने की मांग की। इस पूरे मामले पर अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के कई सदस्य मौजूद रहे, जिनमें नवनीत मिश्रा और मुन्ना लाल सहित अन्य लोग शामिल थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन समस्याओं पर शीघ्र संज्ञान लेगा और क्षेत्र की जनता को राहत प्रदान करेगा। कुल मिलाकर, चरवा नगर पंचायत में उठाए गए ये मुद्दे स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी की तरह हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यदि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं किया गया, तो आम जनता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर कितनी तेजी और पारदर्शिता से कार्रवाई करता है। Post navigation सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रख नीतीश कुमार का बड़ा बयान, क्या मिल गया बिहार के अगले CM का संकेत? Chaitra Navratri 2026: आलोक शंकरी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन लगी भक्तों की भीड़