अमेठी ब्यूरो, नितेश तिवारी

अमेठी एसपी ऑफिस पर किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन चेतना शुक्ला की कथित हत्या के मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया गया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।

कुछ दिन पहले चेतना शुक्ला की वाशिंग मशीन के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष के चार लोगों पर करंट लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच में पति उमाकांत शुक्ला को जांच के बाद मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि तीन अन्य के खिलाफ जांच जारी है।

अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि किसी को भी जबरन दबाव बनाकर जेल नहीं भेजा जा सकता। वहीं, एसएचओ अरुण कुमार मिश्रा ने मामले में न्यायोचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और किसानों को समझाते बुझाते रहे। इसी बीच, भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने भी अमेठी में अवैध कटान, अवैध खनन और नशीली दवाओं के कारोबार के खिलाफ प्रदर्शन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र नाथ मिश्र ने 10 मार्च को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

मिश्र ने पुलिस प्रशासन पर इन अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। ज्ञापन में बताया गया कि इन मुद्दों पर 28 फरवरी 2026 को भी एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मृतक चेतना शुक्ला की उम्र लगभग 30 वर्ष थी और वह जनपद अमेठी की निवासी थीं। उनकी शादी वर्ष 2014 में उमाकांत शुक्ला से हुई थी और उनका एक लगभग 6 साल का बेटा है। परिजनों का आरोप है कि पति उमाकांत शुक्ला का एक शिक्षामित्र (महिला) से संबंध था, जिसका चेतना ने विरोध किया था। इसके बाद पति ने कथित तौर पर बिजली का करंट देकर चेतना की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में पति उमाकांत शुक्ला सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था और आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं किसानों नें अन्य तीन आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *