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कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

मंझनपुर तहसील परिसर सोमवार को किसानों की आवाज से गूंज उठा। ग्रामीण समस्याओं को लेकर आक्रोशित किसान बड़ी संख्या में तहसील मुख्यालय पहुंचे और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब जमीनी मुद्दों पर ठोस कार्रवाई चाहिए। भारतीय किसान यूनियन अंबावता की मासिक बैठक जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न गांवों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार मोबीन अहमद को सौंपा। बैठक में सबसे पहले सरसवां ब्लॉक के ग्राम बरुआ की जल निकासी समस्या का मुद्दा उठाया गया। किसानों ने बताया कि गांव में नाली निर्माण न होने से कई घरों के सामने गंदा पानी जमा रहता है। अवधेश तिवारी, तिलक तिवारी, केदार और पप्पू तिवारी समेत अनेक ग्रामीणों ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि लोग घरों के भीतर गड्ढा खोदकर पानी इकट्ठा करने को मजबूर हैं। इससे दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नाली निर्माण नहीं कराया गया तो संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर पक्की नाली बनवाने की मांग की।

दूसरा बड़ा मुद्दा ग्राम टिकरी बरुआ में छुट्टा पशुओं के आतंक का रहा। किसानों का कहना है कि आवारा पशु रात-दिन खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर रहे हैं। गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें तैयार होने के बावजूद किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई किसानों ने बताया कि वे रात भर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में सुरक्षित रखा जाए और स्थायी समाधान निकाला जाए। किसानों का कहना है कि फसल बर्बादी का असर सीधे उनकी आय पर पड़ रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा रही है। तीसरा मुद्दा मंझनपुर के गांधी नगर मोहल्ले से जुड़ा रहा। यहां रहने वाली सुमन देवी के घर तक जाने के लिए समुचित रास्ता नहीं है। बरसात के दिनों में कीचड़ और पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। परिवार के सदस्यों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि मौके का निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द रास्ते का निर्माण कराया जाए, ताकि आवागमन सुगम हो सके।

बैठक में जिला संयोजक अजय कुमार, तहसील अध्यक्ष राजन गौतम, जिला उपाध्यक्ष राम प्रकाश पाठक, नवनीत कुमार, धर्मेंद्र दीक्षित सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ तीन गांवों की समस्या नहीं है, बल्कि जनपद के कई हिस्सों में इसी तरह की दिक्कतें बनी हुई हैं। यदि प्रशासन ने समयबद्ध समाधान नहीं किया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। ज्ञापन सौंपते समय किसानों ने स्पष्ट किया कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि समाधान चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी गंभीरता दिखाता है।

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