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प्रयागराज ब्यूरो, संजय खान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नकली नोटों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लाखों रुपये के फर्जी नोट, वाहन और नोट छापने के उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को हाल के दिनों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गंगानगर जोन में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के गंगानगर जोन की सराय इनायत थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया। टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए हबूसा मोड़ से सहसों जाने वाली रोड पर छापा मारा, जहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल यादव, विवेक कुमार यादव, नरेंद्र यादव और धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। इनमें राहुल और विवेक भदोही जिले के निवासी हैं, जबकि नरेंद्र और धर्मेंद्र देवरिया के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

1.18 लाख के नकली नोट बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 1 लाख 18 हजार 300 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इनमें 500 रुपये के 200 नोट और 100 रुपये के 183 नोट शामिल हैं। इसके अलावा एक बाइक, एक कार और नकली नोट छापने के उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

जांच में सामने आया है कि आरोपी देवरिया जिले में एक किराए के कमरे में नकली नोट छापते थे और फिर उन्हें अलग-अलग जिलों में सप्लाई करते थे। प्रयागराज में भी ये फर्जी नोटों को बाजार में खपाने की योजना से आए थे।

ऐसे चलता था पूरा रैकेट

पुलिस के मुताबिक, यह गैंग संगठित तरीके से काम कर रहा था। पहले नोट छापे जाते, फिर उन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर बाजार में चलाया जाता था, ताकि किसी को शक न हो। त्योहारों और भीड़भाड़ वाले बाजारों को खास तौर पर टारगेट किया जाता था।

पहले से दर्ज हैं मुकदमे

गिरफ्तार अभियुक्तों में विवेक कुमार यादव और धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ पहले से दो-दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इससे साफ है कि यह गिरोह पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सराय इनायत थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

पुलिस को शक है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो कई जिलों में सक्रिय है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन नकली नोटों की सप्लाई कहां-कहां तक हो चुकी है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

आम लोगों के लिए चेतावनी

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि लेन-देन के दौरान नोटों की अच्छी तरह जांच करें। किसी भी संदिग्ध नोट की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे गिरोहों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि पुलिस अब संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। हालांकि, यह भी सच है कि नकली नोटों का यह नेटवर्क जितना दिख रहा है, उससे कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है और यही जांच का सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण पहलू है।

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