अमेठी ब्यूरो, नितेश तिवारी अमेठी जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार इस बार भी बड़े हर्षोल्लास, प्रेम और सौहार्द के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मौसम में हल्की बूंदाबांदी और कहीं-कहीं हल्की बारिश के बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। जैसे ही सुबह का वक्त हुआ, पूरे जिले के ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोग इस पावन अवसर पर शामिल हुए और ईद की नमाज अदा की। जिलेभर में करीब 218 ईदगाहों और मस्जिदों में ईद-उल-फितर की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। नमाज के दौरान लोगों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम और एकता का संदेश दिया। हर चेहरे पर खुशी और सुकून साफ झलक रहा था, और हर तरफ “ईद मुबारक” की गूंज सुनाई दे रही थी। त्योहार के दौरान अमेठी में सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चाक-चौबंद रही। प्रशासन ने पहले से ही सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया था। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही थी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते पूरे जिले में शांति और व्यवस्था बनी रही। इस मौके पर जिले के उच्च अधिकारी भी विभिन्न ईदगाहों में मौजूद रहे। जायस ईदगाह पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अमेठी के सांसद के. एल. शर्मा की उपस्थिति में नमाज संपन्न हुई। वहीं जगदीशपुर ईदगाह में अपर जिलाधिकारी अर्पित गुप्ता और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई। अधिकारियों ने भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि ईद-उल-फितर के अवसर पर पूरे जनपद में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी प्रमुख ईदगाहों और मस्जिदों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है और अभी तक किसी भी स्थान से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। इस बार ईद के साथ-साथ नवरात्रि का पर्व भी चल रहा है, ऐसे में जिला प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। सभी समुदायों के बीच सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहा और दोनों पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सफल रहा। अमेठी में ईद का त्योहार भाईचारे, आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश देता हुआ संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं और देश में शांति और समृद्धि की दुआ मांगी। यह त्योहार एक बार फिर यह साबित करता है कि भारत की पहचान उसकी विविधता और एकता में छिपी हुई है। Post navigation Farsa Wale Baba कौन? Mathura में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद बवाल, हाईवे पर तनाव कौशाम्बी में Keshav Maurya का हमला: Rahul Gandhi और Akhilesh Yadav पर साधा निशाना