जौनपुर ब्यूरो, देवेंद्र खरे

उत्तर प्रदेश में आयोजित सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इस प्रश्न को लेकर ब्राह्मण समाज के कुछ संगठनों और नेताओं में नाराज़गी देखने को मिल रही है। मामला इतना बढ़ गया कि जौनपुर जिले की बदलापुर विधानसभा सीट से विधायक Ramesh Chandra Mishra ने सीधे मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को पत्र लिखकर इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में किसी विशेष जाति को निशाना बनाकर इस तरह का प्रश्न पूछना पूरी तरह अनुचित है। उनका कहना था कि जिस तरह से यह प्रश्न तैयार किया गया है, वह अमर्यादित प्रतीत होता है। विधायक ने कहा कि ऐसा प्रश्न तैयार करने वाला अधिकारी “कुंठित और विकृत मानसिकता” का हो सकता है, जिसने जानबूझकर इस तरह का सवाल बनाकर एक विशेष समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बेहद गोपनीय होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों को सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चा में नहीं लाया जा सकता। अगर प्रश्नपत्रों की जानकारी पहले से सामने आने लगे, तो परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कई बार प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए हैं, इसलिए सरकार इन परीक्षाओं को गोपनीय रखने के लिए सख्त व्यवस्था करती है।

विधायक मिश्रा ने बताया कि जब उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रश्न के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो समाज में गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने मांग की कि जिस अधिकारी या संस्था ने यह प्रश्न तैयार किया है, उसकी पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मीडिया से बातचीत में विधायक ने यह भी कहा कि ऐसे “कालनेमियों” की पहचान की जा रही है, जो इस तरह के कृत्यों के माध्यम से समाज में विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार और समाज मिलकर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

रमेश चंद्र मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि ब्राह्मण समाज देश की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उनके अनुसार, ब्राह्मण समाज ने सदियों से सनातन परंपरा और संस्कृति को बचाने में योगदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर ब्राह्मण समाज को निशाना बनाकर हिंदू समाज को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने यह भी कहा कि कुछ तत्व सरकार या प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनकर इस तरह के “कुचक्र” रच रहे हैं, ताकि समाज में विभाजन और विवाद पैदा किया जा सके। उन्होंने भरोसा जताया कि ऐसे लोगों की पहचान जल्द की जाएगी और उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा।

इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे प्रतियोगी परीक्षाओं में संवेदनशीलता की कमी का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे अनावश्यक विवाद करार दे रहे हैं। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म Ghuskhor Pandit को लेकर भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जिसके बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है। फिलहाल विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है। यदि जांच बैठती है तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवादित प्रश्न कैसे और किन परिस्थितियों में तैयार किया गया। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे प्रकरण ने प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को लेकर भी एक नई बहस छेड़ दी है।

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