प्रयागराज ब्यूरो, संजय खान संगम नगरी प्रयागराज में धार्मिक विवाद से जुड़ा एक नया बयान सामने आया है, जिसमें Avimukteshwaranand Saraswati की प्रेसवार्ता के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने पलटवार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने संस्थाओं के संचालन, आर्थिक अनियमितताओं और राजनीतिक संपर्कों को लेकर बड़े दावे किए, जिससे मामला और अधिक गरमा गया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य से जुड़ी कुछ संस्थाओं के सीईओ प्रकाश उपाध्याय के माध्यम से आश्रम से बच्चों को कथित रूप से बाहर लाने और उन्हें विभिन्न गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बच्चों को कथित तौर पर दूर-दराज क्षेत्रों से लाकर संस्थागत गतिविधियों या निजी आयोजनों में इस्तेमाल किया जाता है, और इस पूरे मामले में बड़े राजनीतिक और सामाजिक नेटवर्क की भूमिका होने का संदेह जताया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा उन्होंने संस्थाओं के वित्तीय प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि आश्रम से जुड़े फंड का दुरुपयोग किया गया है और संस्थागत धन को निजी या अनियमित कार्यों में इस्तेमाल करने की संभावना है। ब्रह्मचारी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके और किसी भी निर्दोष व्यक्ति की छवि प्रभावित न हो। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बिना नाम लिए उत्तर प्रदेश के एक उपमुख्यमंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड में शंकराचार्य से बातचीत के प्रमाण मिले हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह जानकारी किस आधिकारिक स्रोत से प्राप्त हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ या सत्ता के दबाव में इस तरह की रणनीति बनाई गई है। साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि उन्हें कुछ राजनीतिक और संस्थागत लोगों से जान का खतरा महसूस हो रहा है। दूसरी ओर, संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि यदि कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है तो कानून के अनुसार जांच की जाएगी। इस पूरे मामले में सच्चाई क्या है, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल यह विवाद धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। Post navigation अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में अमेठी की सड़कों पर उतरी कांग्रेस अमेठी में रंगदारी देने से मना करने पर हवाई फायरिंग, पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया