कौशांबी ब्यूरो, मोहम्मद फैज Bharatiya Kisan Union Ambavta के जिलाध्यक्ष Narendra Kumar Pandey की अध्यक्षता में गुरुवार को Sirathu, Uttar Pradesh तहसील परिसर में मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के किसानों की पांच प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समस्याओं के समाधान में हो रही देरी को लेकर किसानों में नाराजगी दिखाई दी। बैठक के बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और शीघ्र निस्तारण की मांग की। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा ग्राम सभा बिदनपुर ककोढ़ा में गौशाला निर्माण का रहा। किसानों का आरोप है कि पिछले 14 महीनों से वे लगातार प्रशासन को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आवारा पशुओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसानों को रात-रात भर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है, जिससे आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द गौशाला का निर्माण कराया जाए ताकि आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिल सके। दूसरा बड़ा मुद्दा ग्राम पल्टीपुर मजरा अंदावा (ब्लॉक कड़ा) में जर्जर खड़ंजा मार्ग का रहा। पप्पू पंडित के घर से प्रेमचंद्र सोनकर के घर तक जाने वाला रास्ता काफी खराब स्थिति में है। किसानों ने बताया कि रास्ते में जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो जाता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। किसानों ने तत्काल सड़क की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इसी तरह ग्राम तरसौरा में गंगा किनारे से पूर्व प्रधान रामराज के घर तक जाने वाले मार्ग और पुलिया की जर्जर स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई। किसानों ने कहा कि पुलिया की हालत बेहद खराब है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो ग्रामीणों का आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैठक में ग्राम ककोढ़ा में बंदरों के बढ़ते आतंक का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के कारण जान-माल का खतरा बना रहता है। बच्चे और बुजुर्ग घर से निकलने में डरते हैं। किसानों ने वन विभाग के माध्यम से बंदरों को पकड़वाने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। इसके अलावा कसिया ककोढ़ा और बिदनपुर में जलापूर्ति ठप होने का मामला भी उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की टंकी बनने के बावजूद नियमित जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। किसानों ने जल जीवन मिशन के तहत शीघ्र जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों ने प्रशासन से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया। Post navigation Hardoi News: सीएसएन पीजी कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का संबोधन Ballia News: चेहरे पर लौटी मुस्कान! रेवती पुलिस ने खोज निकाले गुम हुए मोबाइल