उत्तर प्रदेश के बरेली में प्रशासन की अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में भोजीपुरा इलाके के पिपरिया गांव में अवैध तरीके से बनी मस्जिद पर बुलडोजर चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार यह मस्जिद ग्राम समाज की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से बनाई गई थी। लंबे समय तक मामले की सुनवाई होने के बाद अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने इसे गिरा दिया। भोजीपुरा गांव में जिला प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ पहुंची। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मस्जिद को ध्वस्त करने का काम शुरू किया गया। मस्जिद लगभग 300 वर्ग गज में बनी थी और लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई थी। प्रशासन का कहना है कि निर्माण अवैध श्रेणी में आता है और इसे हटाया जा रहा है। मस्जिद ग्राम समाज के गाटा संख्या 1474 वाली जमीन पर बनी थी। पहले यह मामला तहसीलदार कोर्ट में गया था, जहां आदेश आया कि यह निर्माण अवैध है। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सिविल कोर्ट में अपील की, लेकिन वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले को मान्यता दी गई। कई नोटिस देने के बाद भी मस्जिद नहीं हटाई गई, इसलिए प्रशासन ने एसडीएम, वरिष्ठ अधिकारियों, थाना भोजीपुरा और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण ध्वस्त कर दिया। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि इस अस्थाई मस्जिद में स्थानीय ग्रामीण नमाज पढ़ते थे। मामला कोर्ट तक पहुंचा और आदेश आने के बाद मस्जिद को गिरा दिया गया। एसडीएम ने कहा कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी थी, वह राजस्व अभिलेखों में बंजर और सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थी। इस मामले में कानूनी लड़ाई साल 2008 से चल रही थी। तहसीलदार कोर्ट ने पहले ही बेदखली के आदेश दे दिए थे। सिविल कोर्ट में भी पक्षकारों की अपील खारिज हो गई थी। अब अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने पूरी तरह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की। Post navigation Kaushambi: किसानों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन Uttar Pradesh Budget 2026: यूपी की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी! किसको होगा फायदा?