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यूपी ब्यूरो, नितिन अग्रहरी

कौशाम्बी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के कटैया घाट से अवैध खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां खनन माफियाओं का दबदबा इतना बढ़ गया है कि नदी की जलधारा के बीच ही भारी भरकम पोकलैंड मशीनें उतारकर बड़े पैमाने पर बालू का खनन किया जा रहा है। इस कथित अवैध खनन का एक जीपीएस वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

ग्रामीणों के मुताबिक कटैया घाट पर दिन-रात मशीनों की गर्जना सुनाई देती है। नदी के बीच पोकलैंड मशीनें चलाकर नदी का सीना चीरते हुए बालू निकाली जा रही है और फिर ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपरों के जरिए उसे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह काम खुलेआम और बेखौफ तरीके से किया जा रहा है, मानो खनन माफियाओं को किसी का डर ही न हो। नियमों के अनुसार नदी की जलधारा के अंदर मशीनों से खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद यहां पोकलैंड मशीनों को सीधे नदी में उतारकर बड़े पैमाने पर बालू निकालने का आरोप लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह मशीनों से नदी के भीतर खनन जारी रहा तो आने वाले समय में नदी की धारा बदलने, किनारों पर कटान बढ़ने और आसपास के गांवों के लिए खतरा पैदा होने की आशंका बढ़ सकती है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कटैया घाट से रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर बालू लादकर निकलते हैं। इन वाहनों की आवाजाही से पूरे इलाके में धूल और शोर का माहौल बना रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि खनन के कारण नदी का संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस कथित अवैध खनन की जानकारी जिम्मेदार विभागों और स्थानीय प्रशासन को क्यों नहीं है। लोगों का कहना है कि नदी के बीच मशीनें चलना और लगातार ट्रैक्टर-डंपरों की आवाजाही होना कोई छिपी हुई बात नहीं है, फिर भी अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।

क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कटैया घाट पर चल रहे इस अवैध खनन की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए नदी के अंदर मशीनों से हो रहे खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान होगा, बल्कि आसपास के गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। कटैया घाट पर कथित तौर पर धड़ल्ले से चल रहे इस खनन ने एक बार फिर खनन माफियाओं की सक्रियता और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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