सोनभद्र ब्यूरो, प्रमोद कुमार उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के तत्वावधान में अमर शहीद Chandra Shekhar Azad के शहादत दिवस पर शुक्रवार सुबह भव्य सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम देशभक्ति की भावना और राष्ट्रप्रेम के उत्साह से ओतप्रोत रहा। मुख्य अतिथि समाजसेवी कमलेश खांबे ने तिरंगा ध्वज फहराकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रगान के पश्चात जयकारों के बीच शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीपदान कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंदौली से पधारे कवि शिवदास ने की। उन्होंने “लहर रहा है गगनांगन में हिंदुस्तानी शान, तिरंगा पर हो जा कुर्बान” जैसी ओजपूर्ण पंक्तियां सुनाकर श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया। संचालन अशोक तिवारी ने किया, जिन्होंने अपनी गजलों और शायरी से कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। सोन संगीत फाउंडेशन के सुशील मिश्रा ने देशभक्ति गीतों और देवी गीतों का सस्वर गायन कर समां बांध दिया। धर्मेश चौहान ने “बड़ा ही सुंदर, बड़ा ही मनहर अपना हिंदुस्तान” सुनाकर भारत माता को नमन किया। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने “लहू से ललाट पर हिंदुस्तान लिख देना” जैसी पंक्तियों से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। वहीं सुधाकर पांडेय ‘स्वदेश प्रेम’ ने “तिरंगे में सजे अर्थी बजे धुन राष्ट्र गीतों की” सुनाकर मातृभूमि के प्रति समर्पण का संदेश दिया। गीतकार दिलीप सिंह दीपक ने अपनी रचना “चंद सिक्कों के खातिर तुम अपना ईमान मत बेचो” के माध्यम से व्यवस्था पर करारा प्रहार किया और सामाजिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम के संयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी ने “काश लहू का इक-इक कतरा भारत माँ के काम आए” सुनाकर राष्ट्र वंदना की तथा सभी का आभार व्यक्त किया। हास्य कवि जयराम सोनी और सुनील चौचक ने अपनी रचनाओं से माहौल को हल्का-फुल्का बनाया और श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। अंत में सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, पगड़ी, लेखनी, पुस्तिका और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर बना, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना जागृत करने का भी माध्यम साबित हुआ। Post navigation Ballia News: चेहरे पर लौटी मुस्कान! रेवती पुलिस ने खोज निकाले गुम हुए मोबाइल इलाहाबाद हाई कोर्ट से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक