यूपी ब्यूरो, नितिन अग्रहरि

इटावा दौरे पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री को “मिस्टर बिष्ट साहब” कहकर संबोधित किया और उनके संत होने के दावे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि केवल गेरुआ वस्त्र पहन लेने से कोई संत नहीं बन जाता और पूछा कि उन्हें संत की उपाधि किसने और कब दी।

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति की पहचान उसके व्यवहार, भाषा और आचरण से होती है। उन्होंने दावा किया कि राजनीति में पद और वस्त्र से ज्यादा मायने जनता के प्रति जिम्मेदारी और नैतिकता का होता है।

सपा प्रमुख ने पूजनीय Swami Avimukteshwaranand Saraswati के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि “कोई भी गुंडा संत नहीं हो सकता।” इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि संत समाज की परंपरा त्याग, संयम और सेवा की रही है, जबकि राजनीति में नफरत और विभाजन की भाषा संत परंपरा के अनुरूप नहीं हो सकती।

सनातन और राजनीति पर घमासान

अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर “दिखावे की सनातन राजनीति” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी न्याय, भाईचारा और समानता की बात करता है। उनके मुताबिक, धर्म का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज को जोड़ने की जगह अगर धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश होगी, तो लोकतंत्र कमजोर होगा। सपा प्रमुख का आरोप था कि बीजेपी सरकार विकास और रोजगार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक भावनाओं को उभारती है।

चुनाव आयोग और वोट कटने का आरोप

इटावा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में फॉर्म 7 भरकर समाजवादी पार्टी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समर्थकों के वोट काटे गए हैं। उनके अनुसार यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े करता है।

हालांकि चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आते ही मतदाता सूची का मुद्दा एक बड़ा चुनावी सवाल बन सकता है।

अपने इटावा दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने पक्का तालाब चौराहे पर स्थापित लौह पुरुष Sardar Vallabhbhai Patel की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया था और आज उनकी विरासत को याद करने की जरूरत है।

इटावा में अखिलेश यादव के इस बयान से प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। “मिस्टर बिष्ट साहब” संबोधन ने राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है। आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

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