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यूपी ब्यूरो, नितिन अग्रहरि

कन्नौज जिले के तिर्वा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav के दौरे ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। कार्यकर्ताओं की बड़ी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा को गांव-गांव तक पहुंचाना समय की जरूरत है, क्योंकि बदलाव केवल समाजवादी सोच से ही संभव है।

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे कई वरिष्ठ नेता अब इस दुनिया में नहीं हैं, जिससे संगठन को वैचारिक क्षति हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे नई पीढ़ी को जोड़ें और पुरानी पीढ़ी के अनुभवों को साथ लेकर चलें। उनका कहना था कि ग्रामीण इलाकों में लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और समाधान के लिए संघर्ष करना ही सपा की असली पहचान है। हालिया न्यायिक फैसले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने अदालत का आभार जताया और कहा कि सच्चाई देर से सही, सामने जरूर आती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा साजिश की राजनीति करती है और विरोधियों को घेरने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उनका कहना था कि अगर संस्थाएं निष्पक्ष रहें तो लोकतंत्र मजबूत होता है, लेकिन पक्षपात से न्याय प्रभावित होता है।

केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि जो लोग सच दिखाते हैं, उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने मीडिया पर दबाव का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र मीडिया की भूमिका अहम होती है। दिल्ली की राजनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय भ्रम फैलाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के जापान दौरे पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि निवेश और उद्योग जमीन पर उतरते, तो प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ते और मोबाइल व अन्य उत्पादों का निर्माण यहीं होता। उन्होंने प्रधानमंत्री के क्योटो मॉडल और बुलेट ट्रेन के वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता को ठोस परिणाम चाहिए, केवल घोषणाएं नहीं।

भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “भाजपा को दुर्गंध से प्यार है, इसलिए वे सुगंध के पक्ष में नहीं आ सकते।” उन्होंने रोबोट तकनीक और चीन से जुड़े मुद्दों पर भी कटाक्ष किया और कहा कि सरकार को आत्मनिर्भरता पर गंभीरता से काम करना चाहिए। जेपीएनआईसी (JPnic) के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अब बदलाव का एहसास होने लगा है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति नई दिशा ले सकती है।

कागज और डिटेंशन सेंटर के मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि पहले मुस्लिम वोट काटने की राजनीति की बात होती थी और अब हिंदुओं से ज्यादा कागज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को डराने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

सभा के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को बुलंद करना और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना ही समाजवादी पार्टी का लक्ष्य है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे, जिन्होंने आगामी चुनावों में मजबूती से उतरने का संकल्प दोहराया।

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