यूपी ब्यूरो, नितिन अग्रहरी 

कौशांबी के चक चमरूपुर गांव में जमीन विवाद और कथित अवैध वसूली के आरोपों के बीच भरवारी चौकी पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चौकी से तैनात सिपाही बिना किसी आदेश या कारण के गांव नहीं पहुंचे थे, बल्कि उन्हें एक लिखित प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस टीम मौके पर गई थी। सूत्रों का कहना है कि गांव में विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कानून के तहत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों का उद्देश्य किसी पक्ष विशेष को लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि संभावित तनाव को रोकना और कानून व्यवस्था बनाए रखना था। भरवारी चौकी से जुड़े लोगों का आरोप है कि सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों से सिपाहियों को बिना तथ्य के बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप थी और ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नाम प्लेट हटाने, अवैध वसूली करने या मनमाने तरीके से कार्रवाई करने जैसे आरोपों का कोई ठोस आधार अब तक सामने नहीं आया है।

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