अमेठी ब्यूरो, नितेश तिवारी उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पेट्रोल-डीजल भरवाने को लेकर एक मामूली विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। मामला मोहनगंज कोतवाली क्षेत्र के सुंदरी नारायण फिलिंग स्टेशन का है, जहां लाइन में पहले पेट्रोल भरवाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते मारपीट का रूप ले लिया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल साफ देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंप पर इन दिनों डीजल और पेट्रोल भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। इसी दौरान कुछ लोगों के बीच पहले नंबर को लेकर बहस शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर एक समुदाय विशेष के कुछ लोग एकत्रित हो गए और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कर्मचारियों के साथ मारपीट तक की नौबत आ गई। घटना के दौरान पेट्रोल पंप पर मौजूद अन्य लोग भी घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वीडियो में यह भी देखा गया कि कुछ लोग पुलिस के सामने भी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मोहनगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर गिरफ्तार युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी मोहनगंज क्षेत्र के ही निवासी हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है, ताकि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इस घटना के पीछे एक बड़ा कारण जिले में पेट्रोल और डीजल को लेकर फैली अफवाहें भी बताई जा रही हैं। लोगों में यह डर बैठ गया है कि कहीं ईंधन की कमी न हो जाए, जिसके चलते पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ रही है। कई लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाकर स्टॉक जमा कर रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। हालांकि, जिला प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सभी को पर्याप्त मात्रा में ईंधन मिलेगा, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि अफवाह और जल्दबाजी कैसे एक सामान्य स्थिति को हिंसा में बदल सकती है। प्रशासन लगातार लोगों से संयम बरतने की अपील कर रहा है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे। Post navigation महोबा में बिजली विभाग की लापरवाही, देखते ही देखते गेहूं की फसल खाक