THE KAUSHAMBI TIMES

कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज 

कौशाम्बी जिले में प्रशासनिक कामकाज को लेकर अब सख्ती बढ़ती नजर आ रही है। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंझनपुर कलेक्ट्रेट स्थित उदयन सभागार में मंगलवार को सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज योजनाओं और विभिन्न इंडिकेटर्स की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान कई विभागों की खराब प्रदर्शन रिपोर्ट सामने आने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि काम में ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में फरवरी माह की रैंकिंग पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण योजनाएं “बी”, “सी” और “डी” श्रेणी में पाई गईं। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि यह स्थिति जनपद की छवि को प्रभावित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली समीक्षा तक हर हाल में सभी योजनाओं को “ए” श्रेणी में लाया जाए।

डीएम ने पीएम सूर्य घर योजना, स्वयं सहायता समूह, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, 15वें वित्त आयोग (पंचायत) और सड़क निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का सीधा संबंध आम जनता से है, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे फील्ड स्तर पर जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करें और समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूरा करें। सबसे सख्त कार्रवाई दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में “सी” श्रेणी मिलने पर देखने को मिली। डीएम ने इस पर तत्काल कदम उठाते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश जारी कर दिए। इस कार्रवाई के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।

जिलाधिकारी ने बैठक में यह भी कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजी प्रगति से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर वास्तविक सुधार दिखना चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगली समीक्षा में भी सुधार नहीं दिखा, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुल मिलाकर, इस बैठक ने साफ कर दिया है कि अब जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर सख्ती से निपटा जाएगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को ही प्राथमिकता मिलेगी।

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