कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज

कौशाम्बी जिले के मंझनपुर स्थित डायट मैदान में मंगलवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। किसानों ने दोपहर करीब 2 बजे से जोरदार प्रदर्शन शुरू किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए अपनी 14 सूत्रीय मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। धरने के दौरान किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

धरना स्थल पर पहुंचे अतिरिक्त एसडीएम आकाश सिंह ने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान किसान नेताओं ने अपनी मांगों को एक-एक करके विस्तार से अधिकारियों के सामने रखा और जल्द समाधान की मांग की। हालांकि बातचीत के दौरान प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर किसान धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए और प्रदर्शन जारी रखा।

काफी देर तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन ने उच्चाधिकारियों से फोन पर बातचीत की। इसके बाद अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधिमंडल की जल्द ही जिलाधिकारी से बैठक कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन के इस भरोसे के बाद अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की। काफी समझाने-बुझाने के बाद किसान शाम करीब 6 बजे धरना समाप्त करने के लिए राजी हो गए।

इस दौरान एसडीएम अजेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नुरुल इस्लाम के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन को अपनी 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि यदि जल्द ही इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

धरने के दौरान किसानों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उन्होंने बताया कि पहले भी प्रशासन को 7 सूत्रीय ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने मांग की कि जिले में किसान दिवस नियमित रूप से आयोजित किया जाए, ताकि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

इसके अलावा किसानों ने अटल बिहारी बाजपेई नगर में हो रहे अवैध कार्यों पर रोक लगाने, गंगा और यमुना किनारे विद्युत शवदाह गृह के निर्माण, और सिंचाई नलकूप विभाग की कार्यशाला को कौशाम्बी में स्थापित करने की मांग की। किसानों का कहना है कि इन सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने जिले के ट्रामा सेंटर में एक्स-रे मशीन लगाने, भूमि विवादों का जल्द निस्तारण करने, और जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

इसके अलावा किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की टंकियों को चालू कराने, सूखे पेड़ों की कटाई की अनुमति देने, और सरसों खरीद केंद्र खोलने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं का समाधान होने से किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी।

धरने में किसान यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें देवराज तिवारी, बृजेश तिवारी, रणधीर सिंह, सूर्यभान सिंह, गणेश प्रसाद, मान चन्द्र यादव और सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे आंदोलनों की नौबत न आए।

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