आजमगढ़ ब्यूरो, स्पर्श ठाकुर ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। हाल के घटनाक्रम में ईरान के सुप्रीम धार्मिक नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबरों के बाद देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर क्षेत्र में शिया समुदाय के लोगों ने एकत्र होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। मुबारकपुर में शिया समुदाय के लोगों ने ईरान पर हुए हमले और खामेनेई की मौत की खबरों का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे एक दुखद और गंभीर घटना बताते हुए इसे हिंसक कार्रवाई करार दिया। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने भारत सरकार के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि भारत सरकार को United States और इजराइल के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर इन देशों से कूटनीतिक दूरी बनाने का कदम उठाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईरान के धार्मिक और राजनीतिक घटनाक्रम का असर विश्व के मुस्लिम समुदाय पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ शक्तियां क्षेत्रीय तनाव को बढ़ावा दे रही हैं। शिया समुदाय के लोगों ने इस घटना को आतंकवादी कार्रवाई बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। साथ ही उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में शांति स्थापित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। ज्ञापन देने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से अपील की कि देश की विदेश नीति सभी समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई जाए। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति और संवाद का समर्थक रहा है, इसलिए उसे अंतरराष्ट्रीय मामलों में संतुलित रुख अपनाना चाहिए। प्रदर्शन स्थल पर स्थानीय प्रशासन की भी मौजूदगी रही और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। अधिकारियों ने लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। फिलहाल इस मामले में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं Post navigation प्रयागराज में शिया समुदाय ने जताया शोक, दरगाह से कब्रिस्तान तक निकला जुलूस कौशांबी में यमुना नदी में अवैध बालू खनन, प्रशासन चुप; NGT निर्देशों का उल्लंघन