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अमेठी ब्यूरो, नितेश तिवारी 

अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र स्थित भनौली गांव के सात छात्र-छात्राओं से संपर्क टूटने की खबर ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। ये सभी छात्र पढ़ाई के सिलसिले में Iran गए हुए थे, लेकिन वहां बने युद्ध जैसे हालात के बीच कई दिनों से उनका अपने परिवारों से संपर्क नहीं हो पाया है। इससे परिजन दहशत और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।

परिजनों के मुताबिक, जैसे ही ईरान में हालात बिगड़ने की खबरें सामने आईं, उन्होंने अपने बच्चों से संपर्क करने की कोशिश शुरू कर दी। शुरुआत में सीमित बातचीत हो पा रही थी, लेकिन अब कई दिनों से फोन, मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए भी कोई संपर्क नहीं हो सका है। इस अचानक संपर्क टूटने से परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।

भनौली गांव के रहने वाले इन सातों छात्र-छात्राओं के परिवार दिन-रात बेचैनी में हैं। माता-पिता और परिजन लगातार मोबाइल फोन हाथ में लिए किसी कॉल या संदेश का इंतजार कर रहे हैं। गांव में भी चर्चा का माहौल है और लोग एक-दूसरे से हालात की जानकारी साझा कर रहे हैं।

परिजनों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री Narendra Modi से भावुक अपील करते हुए कहा है कि उनके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वहां रहना सुरक्षित नहीं लग रहा है और हर गुजरते दिन के साथ डर बढ़ता जा रहा है।

परिवारों ने जिला प्रशासन से भी गुहार लगाई है कि उनकी बात को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाए। उनका कहना है कि बच्चों की कोई सूचना न मिलने से मानसिक तनाव बढ़ गया है और पूरे परिवार की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।

माहे रमजान के इस पवित्र अवसर पर परिवार अपने बच्चों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। घरों में विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं ताकि सभी छात्र-छात्राएं सकुशल वतन लौट सकें। गांव के बुजुर्ग और रिश्तेदार भी परिवारों को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन अनिश्चितता की स्थिति ने सबको परेशान कर रखा है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन परिजन उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार जल्द कोई ठोस कदम उठाएगी। हजारों किलोमीटर दूर फंसे इन छात्रों की सुरक्षित वापसी ही अब परिवारों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।

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