कौशांबी ब्यूरो, मोहम्मद फैज शंकराचार्य से जुड़े प्रकरण को लेकर बुधवार को Manjhanpur स्थित कलेक्ट्रेट परिसर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। Indian National Congress के कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से शंखनाद के साथ जुलूस निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है। उनका कहना था कि Swami Avimukteshwaranand Saraswati के खिलाफ गंभीर धाराओं, विशेषकर पॉक्सो जैसे मामलों में मुकदमा दर्ज कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और संत समाज का अपमान है। कांग्रेस नेताओं ने Prayagraj में दर्ज मुकदमे की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। शंकराचार्य की ओर से जारी एक तस्वीर का उल्लेख करते हुए उन्होंने Ajay Pal Sharma (ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, प्रयागराज) और वादी आशुतोष ब्रह्मचारी के बीच कथित संबंधों की भी स्वतंत्र जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यदि जांच एजेंसियां निष्पक्ष रहेंगी तो न्याय अवश्य होगा। आचार्य भूपेंद्र शुक्ला ‘रोनू महाराज’ ने कहा कि प्रदेश में संतों और धार्मिक नेताओं को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में साधु-संतों के हितों की रक्षा की बात कही जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। रोहित पंडित ने भी सरकार पर सत्ता के अहंकार में निर्णय लेने का आरोप लगाया और कहा कि जनता सब देख रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि संत समाज की भावनाओं की अनदेखी जारी रही तो इसका राजनीतिक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और संतों के सम्मान की रक्षा की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पूरे प्रकरण की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, ताकि किसी भी प्रकार का संदेह न रहे। प्रदर्शन में आचार्य वेद प्रकाश मिश्रा, रामबहादुर त्रिपाठी, राम सूरत रैदास, सुरेन्द्र शुक्ला सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। अब निगाहें शासन और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। कांग्रेस का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और संत समाज को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। Post navigation पुलिस है या तमाशा! कस्टडी से फरार अभियुक्त 24 घंटे बाद फिर से गिरफ्त में आया स्कूल में ‘अश्लील’ डांस का आरोप! सोनभद्र के इकदिरी हाईस्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर छाया