देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 फरवरी के लिए नया अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि 12 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना बनी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से उत्तर और मध्य भारत के कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। साथ ही तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम खराब होने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाने को कहा गया है। पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव है, जो फरवरी के अंत में अक्सर सक्रिय होता है और मौसम को प्रभावित करता है। मध्य भारत के राज्यों में भी बादल छाए रहने और कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा चलने की चेतावनी दी गई है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए नागरिकों को खुले स्थानों पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के पास रहने से बचना चाहिए। तेज हवा के कारण कच्चे ढांचे और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने की संभावना भी बनी रहती है। कृषि क्षेत्र के लिए यह मौसम मिश्रित प्रभाव लेकर आ सकता है। जहां हल्की बारिश कुछ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, वहीं ओलावृष्टि या तेज बारिश होने पर गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए किसानों को मौसम की जानकारी लगातार लेते रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि रात के तापमान में गिरावट जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के आखिरी सप्ताह में मौसम का यह अस्थिर दौर जारी रह सकता है। प्रशासनिक स्तर पर भी अलर्ट जारी किया गया है। बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। बारिश और आंधी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी संभावना रहती है। सामान्य नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर बनाए रखें और बेवजह यात्रा करने से बचें। खासकर शाम और रात के समय मौसम ज्यादा प्रभावित हो सकता है। फिलहाल मौसम का यह बदलाव फरवरी के अंत में होने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन अचानक आने वाले तूफानी बादलों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आने वाले 24 घंटों में मौसम की स्थिति पर विशेष नजर बनी रहेगी। Post navigation दिल्ली से मेरठ 55 मिनट में, पीएम मोदी ने ‘नमो भारत रैपिड रेल’ का पूरा कॉरिडोर किया शुरू भोजपुरी गायिका अंतरा सिंह उर्फ प्रियंका समेत दो के विरुद्ध कुर्की की नोटिस जारी