कौशाम्बी ब्यूरो, मोहम्मद फैज मंझनपुर (कौशाम्बी)। जनपद मुख्यालय मंझनपुर स्थित डायट मैदान में सोमवार को किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। Bharatiya Kisan Union (Ambawata) के बैनर तले आयोजित धरना-प्रदर्शन में जिले के दर्जनों किसान शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय ने की। किसानों ने सरकार से अपनी लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। डीजल, खाद, बीज और कीटनाशकों के दामों में इजाफा होने से उत्पादन लागत बढ़ गई है, जबकि फसलों का उचित मूल्य किसानों को नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना था कि इस असंतुलन के कारण वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसानों की स्थिति और दयनीय हो जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन उसे ही सबसे अधिक उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त एसडीएम आकाश सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें शामिल थीं। किसानों ने अमेरिका के साथ भारत की प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की। साथ ही देशभर के किसानों की पूर्ण कर्जमाफी लागू करने की मांग उठाई गई। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को ₹5000 प्रतिमाह वृद्धावस्था पेंशन देने, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं को पूर्णतः निःशुल्क करने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। किसानों ने कहा कि एमएसपी को कानूनी गारंटी मिलने से उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। Post navigation कौशाम्बी में यमुना का सीना चीरता पोकलैंड: नियमों को ठेंगा, प्रशासन मौन क्यों? उमरवलघाट में अवैध बालू खनन का काला खेल? प्रशासन पर उठे कई सवाल