ब्यूरो प्रयागराज, संजय खान संगम नगरी प्रयागराज में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के औचक निरीक्षण से बारा तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी करीब तीन घंटे तक तहसील परिसर में मौजूद रहे और एक-एक व्यवस्था का विधिवत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों की जांच की और लंबित फाइलों की स्थिति पर संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। निरीक्षण के दौरान कई फाइलें लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पेंडिंग मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में देरी से आम जनता को परेशानी होती है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दौरान तहसील के अधिवक्ताओं ने भी जिलाधिकारी से मुलाकात कर प्रशासनिक कमियों को लेकर ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से शौचालय व्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और जिलाधिकारी से मौके पर निरीक्षण करने का आग्रह किया। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं की मांग पर तत्काल स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर उन्होंने एसडीएम बारा को निर्देशित किया कि तहसील परिसर में शौचालयों की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाले फरियादियों और अधिवक्ताओं के लिए स्वच्छ और व्यवस्थित शौचालय की व्यवस्था होना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि तहसील स्तर पर आम जनता की समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम के औचक निरीक्षण से तहसील परिसर में पूरे दिन हलचल का माहौल बना रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों में व्यवस्था सुधारने को लेकर सक्रियता देखी गई। प्रशासनिक सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि तहसील में लंबित मामलों और अव्यवस्थाओं में शी Post navigation Kanpur Lamborghini Car: रईसजादे की करतूत छुपाने की साजिश का पर्दाफाश, 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग कौशाम्बी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का धरना, लेबर कोड वापसी और ₹26,910 न्यूनतम वेतन की मांग