ब्यूरो मिर्ज़ापुर, विद्या प्रकाश भारती मिर्जापुर जनपद के विकास खंड लालगंज स्थित बी.पैक्स रामपुर कोमरमेना में प्रशासनिक विवाद गहराता नजर आ रहा है। समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पर समिति के संचालक और सदस्यों ने निजी हितों को बढ़ावा देने और समिति के कार्यों में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर समिति के अधिकांश संचालक सदस्यों में नाराजगी देखी जा रही है। समिति में अध्यक्ष सहित कुल 9 संचालक सदस्य हैं, जिनमें से 6 संचालकों ने अध्यक्ष की कार्यशैली पर असंतोष जताया है। सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष समिति के माध्यम से ऋण वितरण में पारदर्शिता नहीं बरत रहे हैं और अपने करीबी लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण दिलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा धन खरीद प्रक्रिया में भी अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। संचालकों का कहना है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से समिति की निष्पक्षता और किसानों के हित प्रभावित हो रहे हैं। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि अध्यक्ष क्षेत्र में जिला पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और किसी राजनीतिक दल के समर्थन में पोस्टर लगवा चुके हैं। संचालकों का कहना है कि अध्यक्ष समिति परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। आरोप है कि अध्यक्ष समिति के सचिव को निर्देश देते हैं कि समिति में दो कमरे हमेशा उनके राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए खाली रखे जाएं और उनके जलपान की व्यवस्था भी की जाए। इससे समिति से जुड़े किसान सदस्यों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और समिति के मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस पूरे मामले को लेकर संचालक सदस्यों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अध्यक्ष के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के सचिव अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं और उनके कार्य व्यवहार से संचालक सदस्य संतुष्ट हैं। सदस्यों ने आशंका जताई है कि अध्यक्ष द्वारा सचिव के खिलाफ गलत तथ्यों को प्रस्तुत कर उनके स्थानांतरण या निलंबन का प्रयास किया जा सकता है। संचालकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर समिति के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित कराया जाए, ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके और समिति की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी रहे। Post navigation मिर्जापुर पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश कौशाम्बी में पत्रकारों का धरना, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल; निष्पक्ष जांच की मांग