यूपी ब्यूरो, नितिन अग्रहरि कौशाम्बी जिले में आयोजित एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य एवं राज्यमंत्री कुलजीत सिंह की बैठक उस समय विवादों में आ गई, जब 12 विभागों में से केवल 4 विभागीय अधिकारी ही बैठक में पहुंचे। शेष 8 विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर राज्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “नाकारा” और “पुरानी सरकार के भ्रष्टाचारी” तक कह दिया। बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन संचालित कृषक समृद्धि आयोग के तहत आयोजित की गई थी। इस आयोग में कुल 12 विभागों को जोड़ा गया है, जिनका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। राज्यमंत्री कुलजीत सिंह ने कहा कि यह आयोग मुख्यमंत्री की देखरेख में कार्य करता है और इसका मुख्य मकसद किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति देना है। राज्यमंत्री ने कहा कि बैठक में सभी विभागों की उपस्थिति जरूरी थी, ताकि जनता को यह बताया जा सके कि सरकार द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं और उनका लाभ कैसे लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण योजनाओं की जानकारी सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है, जिससे आम जनता वंचित रह जाती है। मीडिया से बातचीत में कुलजीत सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री जी स्वयं इस आयोग के अध्यक्ष हैं। ऐसे में सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ बैठक में शामिल होना चाहिए था। जो अधिकारी नहीं आए, वे नाकारा हैं और संभवतः पुरानी सरकार की कार्यशैली के आदी हैं, जिन्हें जनता से कोई सरोकार नहीं है।” उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का उद्देश्य केवल औपचारिक बैठक करना नहीं, बल्कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। कृषकों को कृषि, सिंचाई, पशुपालन, राजस्व, ग्रामीण विकास समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वित लाभ मिले, इसी लक्ष्य से यह व्यवस्था बनाई गई है। अब देखना होगा कि बैठक से गैरहाजिर रहे विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कोई प्रशासनिक कदम उठाया जाता है या नहीं। फिलहाल इस घटनाक्रम ने जिले के प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। Post navigation विधवा महिला न्याय के लिए भटक रही, कीमती जमीन पर भूमाफिया की नजर UP Budget 2026: छात्राओं के लिए स्कूटी, किसानों के लिए 11 हजार करोड़, युवाओं और समाज के सभी वर्गों को फायदा