संवाददाता, मोहम्मद फैज

कौशांबी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के तत्वावधान में “स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की बढ़ती लत से बाहर निकालकर खेलकूद, सामाजिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शुक्ल एवं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आज का युवा वर्ग डिजिटल स्क्रीन पर अत्यधिक समय व्यतीत कर रहा है, जिसका सीधा असर उसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर पड़ रहा है। बढ़ता स्क्रीन टाइम मोटापा, आंखों से जुड़ी समस्याएं, मानसिक तनाव और सामाजिक दूरी जैसी गंभीर चुनौतियों को जन्म दे रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैंसर विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार (मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज) ने कहा कि मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग युवाओं के स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी दिनचर्या में खेल, योग, व्यायाम, पठन-पाठन और सामाजिक सहभागिता को अनिवार्य रूप से शामिल करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान न केवल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देगा, बल्कि अनुशासन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका को भी मजबूत करेगा।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन उसका संतुलन बनाए रखना और समय-सीमा तय करना बेहद जरूरी है। वास्तविक जीवन की गतिविधियां युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित करती हैं।

कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने “स्क्रीन टू स्ट्रीट, इट्स टाइम टू मूव” के संदेश को आत्मसात करते हुए प्रतिदिन कम से कम एक घंटे शारीरिक गतिविधि अपनाने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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